देवाधिदेव महादेव से मिली संगीत की थाती को काशी के कलाकारों ने अपने हुनर से संवारा। शास्त्रीय संगीत से बनारस घराने ने अलग पहचान बनाई तो पूरब अंग की ठुमरी के लिए भी काशी जानी गई। बाबा विश्वनाथ की नगरी से बही संगीत यह धारा सात समंदर पार भी दिलों पर राज करती है। गौहर जान, पं. गुदइर महाराज, पं. किशन महाराज, पंडित ओंकारनाथ ठाकुर, पद्मविभूषण गिरिजा देवी, पद्मभूषण पं. छन्नू लाल मिश्र, पद्मविभूषण पं. राजन साजन मिश्र से लेकर पद्मश्री मालिनी अवस्थी तक तमाम ऐसे नाम हैं, जिन्होंने यहां की संगीत परंपरा की धाक देश ही नहीं, विदेशों के मंच पर भी जमाई। बनारस घराने की इस परंपरा को युवा कलाकार उसी लगन से आगे बढ़ा रहे हैं...। आगे की स्लाइड्स में जानिए ऐसे ही कलाकारों के बारे में...