तत्कालीन अधिवक्ता आयुक्त अजय कुमार मिश्रा ने अपनी रिपोर्ट में सात मई को हुई कमीशन की कार्रवाई में प्रतिवादी प्रदेश सरकार, जिलाधिकारी व पुलिस आयुक्त्त पर असहयोग का आरोप लगाया है। उन्होंने रिपोर्ट में 6 मई को कमीशन की कार्रवाई रोके जाने का जिक्र करते हुए कहा है कि विवादित स्थल के मूल स्थान बैरिकेड के अंदर जाने व तहखाना खोलने में प्रशासन के असमर्थता जताने पर कार्रवाई अगले दिन के लिए टाली गई।
सात मई को 100 से ज्यादा मुस्लिम पक्ष बैरिकेड की दूसरी तरफ मौजूद थे, उनके इकट्ठा होने के बाद शासन व पुलिस ने आगे की कार्रवाई में सहयोग करने पर असमर्थता जाहिर की। इसके कारण कमीशन की कार्रवाई मुकम्मल रूप से नहीं की जा सकी। सात मई को कार्रवाई के दौरान विवादित पश्चिमी दीवार की तरफ सिंदूर लगी तीन कलाकृतियों का पत्थर और चौखट को शृंगार गौरी का प्रतीक मानकर पूजे जाने के सवाल पर वादी पक्षों ने बताया मौके पर बताया था कि बैरिकेडिंग के अंदर स्थित उनके मुख्य मंदिर व अवशेष तक जाना प्रतिबंधित है।