फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चेतावनी बिंदु के नजदीक पहुंची गंगा : वाराणसी में वरुणा पार इलाके में लोग पलायन को मजबूर, बाढ़ के हालात

Sat, 07 Aug 2021 12:25 AM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
1 of 8
गंगा का जलस्तर बढ़ने से वरुणा पार लोग पलायन करने को मजबूर हुए। - फोटो : अमर उजाला
पहाड़ों पर हो रही बरसात से बनारस में गंगा अब उफान पर आ गई हैं। गंगा का जलस्तर बढ़ने से वरुणा में पलट प्रवाह हो गया है। इससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों ने अब पलायन शुरू कर दिया है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से महज 26 सेंटीमीटर नीचे बह रहा है। अनुमान जताया जा रहा है कि शुक्रवार मध्यरात्रि तक गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार कर जाएगा।

शुक्रवार को रात आठ बजे तक केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा का जलस्तर 70 मीटर पहुंच गया था। गंगा के जलस्तर में छह सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ोत्तरी हो रही है। सुबह से ही वरुणा पार इलाके में गंगा के पलट प्रवाह के कारण खलबली मची थी। पुलकोहना से नक्खीघाट के बीच दर्जनों की संख्या में मकान पानी से घिर गए हैं। बीते 36 घंटों में गंगा में दो मीटर सात सेंटीमीटर का बढ़ाव दर्ज किया गया। देखें अगली स्लाइड्स...।
विज्ञापन

2 of 8
बाढ़ बुलेटिन के अनुसार शुक्रवार की सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 69.30 मीटर था, जो दोपहर दो बजे 69.66 मीटर पहुंच गया था। बृहस्पतिवार की सुबह आठ बजे जलस्तर 67.69 मीटर था। इन 24 घंटों में 01.61 मीटर पानी बढ़ गया। शुक्रवार की सुबह आठ से रात आठ बजे तक करीब आधा मीटर की वृद्धि हुई है। गंगा का चेतावनी बिंदु 70.26 मीटर और खतरे का निशान 71.26 मीटर है। प्रयागराज में बढ़ाव जारी होने के कारण बनारस में जलस्तर में और बढ़ाव की आशंका बनी हुई है।
विज्ञापन

3 of 8
बाढ़ के पानी से घिर गए हैं मकान, बढ़ी धुकधुकी
गंगा के जलस्तर में बढ़ाव के कारण असि और वरुणा में पलट प्रवाह की स्थिति पैदा हो गई है। गंगा के तटवर्ती इलाकों में लोग दहशत में हैं। पानी से घिर चुके इन मकानों में रहने वालों ने ऊंची बस्तियों में किराए पर कमरा लेकर अपना सामान वहां पहुंचाना शुरू कर दिया है। शक्कर तालाब के चंद्रशेखर ने बताया कि उनके घर में पानी घुस गया है और वह अब ऊंची जगह पर किराए पर कमरा लेकर रहेंगे। नक्खीघाट की शारदा ने बताया कि बीती रात ही उनके मकान के निचले हिस्से में पानी घुस गया। पहला तल्ला पूरी तरह से पानी में डूब चुका है। अब पूरा परिवार दूसरे तल पर रह रहा है।

4 of 8
छत से लेकर गलियों तक हो रहा शवदाह
गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर शवदाह के लिए मुसीबतें भी बढ़ गई हैं। मणिकर्णिका घाट पर जहां छत पर शवदाह हो रहा है, वहीं हरिश्चंद्र घाट के ऊपर गलियों में शवदाह शुरू हो चुका है। गंगा की सभी घाटों का संपर्क पूरी तरह से समाप्त हो गया है। ऐसे में हरिश्चंद्र और मणिकर्णिका दोनों ही घाटों पर लोगों को शवदाह करने के लिए प्रतीक्षा करनी पड़ रही है।
विज्ञापन

5 of 8
सामान के साथ शुरू हो चुका है पलायन
वरुणा किनारे बसी बस्तियां कोनिया, दीनदयालपुर, नक्खीघाट, पुलकोहना में दो सौ से अधिक मकान पानी से घिर चुके हैं। शुक्रवार की सुबह से लोगों अपने जरूरी सामानों के साथ पलायन कर रहे थे। तिनपुलवा के नीचे से होते हुए वरुणा में गिरने वाले नाले के दोनों ओर बने अधिकतर मकानों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है। मुन्नी, अरशद, वकील, इरफान, मो. मुश्ताक, असलम, प्रमोद, अनिल, कमलेश, असलम दर्जी, रमजान, इरफान, बाबू ने अपना घर छोड़कर दूसरी जगह शरण ली है।
विज्ञापन

6 of 8
गंगा में बढ़ता जलस्तर। - फोटो : अमर उजाला
2013 में अचानक घुस गया था बाढ़ का पानी
वरुणा किनारे की बस्तियों में रहने वालों को अब बाढ़ का खतरा सताने लगा है। उनका कहना है कि 2013 में आधी रात में बाढ़ का पानी अचानक उनके घरों में घुस गया था। अचानक पानी घुसने से घर-गृहस्थी का सामान बर्बाद हो गया था। बस्तियों में रहने वालों को पता ही नहीं है कि क्षेत्र में कहीं बाढ़ राहत चौकी उनके लिए बनाई गई है या नहीं।
विज्ञापन

7 of 8
बढ़ रहा गंगा का जलस्तर। - फोटो : अमर उजाला
बढ़ा जलस्तर तो घिर जाएंगे बाढ़ से
गंगा के बढ़ते जलस्तर से सामने घाट इलाके में रहने वाले लोगों को भी अब डर सताने लगा है। जलस्तर में अगर चार से पांच फुट की और बढ़ोत्तरी हुई तो क्षेत्र की मारुति नगर कॉलोनी और गायत्री नगर कॉलोनी के डेढ़ सौ से अधिक मकानों तक बाढ़ का पानी पहुंच जाएगा। कॉलोनियों में रहने वालों की मुश्किलें भी बढ़ जाएंगी। जलस्तर बढ़ने से नगवा नाले का पानी भी उल्टा बहने लगा है। कुछ कालोनियाें में सीवर ओवरफ्लो करने लगा है।
विज्ञापन

8 of 8
चौकाघाट क्षेत्र में घरों में घुसने लगा पानी। - फोटो : अमर उजाला
मकान मालिकों ने बढ़ाया किराया
सलारपुर निवासी शिव प्रकाश ने बताया कि मेरा मकान पूरी तरह से पानी में डूब गया है। हम लोग सामान लेकर किराए के मकान में रह रहे हैं। प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई झांकने तक नहीं आया है। कलावती देवी ने बताया कि बाढ़ का फायदा मकान मालिक उठा रहे हैं। जो मकान कोई नहीं पूछता था, उसको अब ढाई से साढ़े तीन हजार किराए देना पड़ रहा है। बाढ़ में मकान डूबने के कारण पूरा परिवार अब किराए पर रह रहा है। दीनदयालपुर के सूरज जायसवाल ने बताया कि वरुणा में लगातार पानी बढ़ने के कारण घर का निचला हिस्सा डूब चुका है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें