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वाराणसी फ्लाईओवर हादसे को बीता एक साल, तस्वीरों में देखें किस तरह पलक झपकते सब हो गया था तबाह

Wed, 15 May 2019 05:44 PM IST
Sayali Maurya न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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वाराणसी के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक लहरतारा-चौकाघाट पर आज से ठीक एक साल पहले 15 मई 2018 को शाम साढ़े पांच बजे एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ था। लहरतारा-चौकाघाट पर रोजाना की तरह ही उस दिन भी जाम लगा था। कार और बस में परिवार और अन्य साथियों संग हंसते-बोलते जा रहे लोगों की चीख तक निकल नहीं पाई। कैंट स्टेशन के समीप निर्माणाधीन फ्लाईओवर 15 जिंदगियों पर काल बनकर टूटा। इसके साथ ही 20 लोग घायल हो गए थे। उस दिन भयावह मंजर देख कई लोगों की आंखे भर आई। आज उस हादसे की बरसी है। बनारस के इतिहास के सबसे दर्दनाक हादसे की तस्वीरें देखें आगे की स्लाइड्स में...
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वाराणसी कैंट पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर का बीम गिरने के बाद कई वाहन इसकी चपेट में आ गए थे। मंजर यह था कि बीम के नीचे दबे, फंसे वाहनों से केवल चीखें सुनाई दे रही थीं। अंदर बुरी तरह फंसे लोगों में से कोई हाथ हिला रहा था तो कोई पानी मांग रहा था। किसी गाड़ी में फंसे बच्चे की रोने की आवाज से भी कई लोग दर्द में नजर आए। कहीं-कहीं तो केवल तड़प भर सुनाई दे रही थी। 
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वाहनों के बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने और वाहनों तक पहुंचने की जगह न होने के चलते आम लोग चाहकर भी उनकी मदद नही कर पा रहे थे। यह मंजर देख कई लोगों की आंखे भर आई। हजारों टन भार का बीम गिरने की वजह से चपेट में आए वाहन चकनाचूर हो गए थे। वाहनों के पिचकने, टूटने की वजह से कई लोग इसमें फंसे थे और वहां मौजूद इंसान असहाय सा लोगों को मरता देख रहा था। 

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बाहर फंसे लोगों को तो बचा लिया गया पर अंदर गाड़ियों में फंसे लोगों की केवल कराह सुनाई दे रही थी। जीवन की उम्मीद में एक स्विफ्ट कार में फंसी महिला हाथ हिला रही थी पर उस तक पहुंचे पर उसे निकालना संभव नही था। वह कार में फंस गई थी। लोग कई बार उसे निकालने का प्रयास किए पर असफलता ही हाथ लगी। इसी तरह एक और व्यक्ति भी वाहन में फंसा बचाव के लिए चिल्ला रहा था और लोगों से पानी मांग रहा था। बचाव कार्य चलने के दौरान लोगों ने उसे पानी पिलाया। फ्लाईओवर के नीचे लोग वाहनों में इस कदर फंसे थे कि केवल उनकी चीखें सुनाई दे रही थी। इस घटना के प्रत्यक्षदर्शी अपने आंसू नहीं रोक पा रहे थे।
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कार और बस में परिवार और अन्य साथियों संग हंसते-बोलते जा रहे लोगों की चीख तक निकल नहीं पाई। सोचा भी नहीं होगा कि राह चलते इस तरह काल दबोच लेगा। वाराणसी के लहरतारा कैंट रेलवे स्टेशन रोड पर रोजाना की तरह वाहनों की आवाजाही लगी हुई थी। लहरतारा से लेकर कैंट तक जाम लगा हुआ था। इसी दौरान अचानक धड़ाम की तेज आवाज गूंजी।
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सभी को तो एकबारगी ऐसा लगा कि कोई बड़ी बिल्डिंग भरभरा कर गिर पड़ी हो। हर कोई जहां था वहीं थम सा गया और किसी अनहोनी की आशंका से भर गया। आवाज इतनी तेज थी कि लोगों की नजर बरबस उस ओर उठ गई और नजारा देखकर लोग लहरतारा पुल की ओर दौड़ पड़े। मौके पर जब लोग पहुंचे तो लहरतारा चौकाघाट फ्लाईओवर का बीम नीचे गिरा था और उसके नीचे कई वाहन दबे थे।
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किसी को कुछ समझ ही नहीं आ रहा था कि यह क्या हो गया। सामने का मंजर इतना खौफनाक था कि हर किसी के मुंह से चीख निकल गई। बीम के नीचे दबी बस, कार, बोलेरो, बाइक पर सवार लोगों के मुंह से चीख तक निकल नहीं पाई। कई वाहन तो सड़क से चिपक गए थे। आसपास के लोगों को समझ में नहीं आ रहा था कि दबे लोगों को निकालें तो कैसे?
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साल भर पहले निर्माणाधीन चौकाघाट-लहरतारा फ्लाईओवर की दो बीम गिरने से 15 लोगों की मौत हो गई थी। उस दर्दनाक हादसे की एक अहम वजह जाम भी था। यदि जाम न लगा होता और वाहन खड़े न होते तो शायद इतने लोगों की मौत न होती। बावजूद इसके इंग्लिशिया लाइन तिराहा से कैंट रोडवेज के सामने अतिक्रमण और जाम की समस्या जस की तस है। इंग्लिशिया लाइन तिराहे पर सुबह से शाम तक ट्रैफिक पुलिस मौजूद रहती है, कैंट रोडवेज परिसर में पुलिस चौकी है और यूपी 100 का पीआरवी चक्रमण करता रहता है, लेकिन अतिक्रमण और जाम की समस्या की ओर किसी की नजर ही नहीं जाती है। नतीजतन, फ्लाईओवर के जारी निर्माण कार्य के बीच दिन भर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं।
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