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UP MLC Election: पूर्वांचल की कई सीटों पर बेहद रोचक मुकाबला, आजमगढ़- बनारस में भाजपा के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई

Sat, 09 Apr 2022 09:33 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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पूर्वांचल में एमएलसी पद के प्रत्याशी - फोटो : अमर उजाला
यूपी विधानसभा चुनाव के बाद अब सबकी नजर एमएलसी यानी विधान परिषद के चुनाव पर है। स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र (एमएलसी) के चुनाव के लिए आज मतदान किया जा रहा है। 

पूर्वांचल की वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़ और मऊ सहित कुल पांच एमएलसी सीटों के लिए 15 से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में हैं। मिर्जापुर एमएलसी सीट निर्विरोध भाजपा के खाते में जा चुकी है। अब सभी प्रमुख सीटों पर भाजपा और सपा के बीच ही मुख्य मुकाबला है। हालांकि पूर्वांचल की कई सीटों पर भाजपा के लिए निर्दलीय और बागी उम्मीदवारों ने चिंता बढ़ा दी है।

वाराणसी में भाजपा के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई है। एमएलसी चुनाव में धनंजय सिंह, ब्रजेश सिंह और रमाकांत यादव जैसे बाहुबली नेताओं के करीबी और रिश्तेदार के चुनावी मैदान में उतरने से लड़ाई दिलचस्प हो गई है। आजमगढ़ से लेकर वाराणसी तक भाजपा पर सभी की निगाहें हैं। शनिवार सुबह आठ बजे से मतदान शुरू हो गया है। 
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वाराणसी: क्या इस बार कम होगी धौरहरा परिवार की हनक

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निवर्तमान एमएलसी बृजेश सिंह और उनकी पत्नी - फोटो : सोशल मीडिया।
स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी-चंदौली-भदोही पर पिछले 24 साल से कब्जा जमाए बैठे धौरहरा परिवार को इस चुनाव में चुनौती मिली है। उधर, भाजपा के सामने वाराणसी जैसी प्रतिष्ठापरक सीट पर इस चुनाव में अपनी प्रतिष्ठा की लड़ाई है। सपा भी अपनी खोई जमीन यहां तलाशने में जुटी है। सेंट्रल जेल में बंद निवर्तमान एमएलसी बृजेश सिंह के बड़े भाई उदयभान सिंह उर्फ चुलबुल सिंह वर्ष 1998 में एमएलसी बने। दो बार एमएलसी चुने गए और पंचायत चुनाव में उनका दबदबा जगजाहिर ही है।


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भाजपा एमएलसी प्रत्याशी डॉ. सुदामा पटेल - फोटो : सोशल मीडिया।
इसके बाद वर्ष 2010 में बृजेश सिंह की पत्नी अन्नपूर्णा सिंह बसपा के टिकट से इस सीट पर एमएलसी बनी। इसके बाद वर्ष 2016 में बृजेश सिंह मैदान में उतरे तो भाजपा ने उन्हें समर्थन दिया और उनके खिलाफ कोई प्रत्याशी नहीं उतारा। हालांकि इस बार भाजपा ने प्रत्याशी उतारकर बृजेश सिंह को वॉकआउट देने से इनकार कर दिया। ऐसे में अब परिणाम पर सबकी निगाह टिकी है। भाजपा से डॉ. सुदामा पटेल, सपा से उमेश कुमार और जेल में बंद निवर्तमान एमएलसी बृजेश सिंह उर्फ अरुण सिंह की पत्नी व पूर्व एमएलसी अन्नपूर्णा सिंह मैदान में हैं। 

आजमगढ़: बागी ने बढ़ाई भाजपा की दिक्कत

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पूर्व विधायक अरुणकांत यादव आजमगढ़ में भाजपा एमएलसी प्रत्याशी - फोटो : अमर उजाला
आजमगढ़-मऊ सीट पर भाजपा और सपा में जबरदस्त टक्कर है। कारण ये कि भाजपा ने इस सीट पर सपा विधायक रमाकांत यादव के बेटे और फूलपुर पवई से पूर्व भाजपा विधायक अरुणकांत यादव को प्रत्याशी बनाया है। वहीं से सपा से राकेश कुमार यादव गुड्डू और भाजपा के एमएलसी रहे यशवंत सिंह के पुत्र विक्रांत सिंह रिशू निर्दल प्रत्याशी के रूप में मैदान में हैं। इसके अलावा दो अन्य निर्दल प्रत्याशी अंब्रेश व सिकंदर प्रसाद कुशवाह भी भाग्य आजमा रहे हैं।  विक्रांत सिंह  रिशू के मैदान में आने से भाजपा की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि यशवंत सिंह का अपना सियासी आधार है। हाल ही में भाजपा ने यशवंत सिंह को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है। 
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जौनपुर: धनंजय सिंह के करीबी प्रिंसू को भाजपा ने बनाया प्रत्याशी

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बृजेश सिंह प्रिंसू - फोटो : अमर उजाला
 जौनपुर में पूर्व सांसद धनंजय सिंह के करीबी सिटिंग एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंसू को भाजपा ने एमएलसी उम्मीदवार बनाया है।  सपा से मनोज यादव और निर्दल प्रत्याशी के रूप में जगमोहन मैदान में हैं। बृजेश सिंह के साथ हाल के दिनों में पूर्व सांसद धनंजय सिंह कई मौकों पर समर्थन देते नजर आए हैं, जिनके पूरे चुनाव में एमएलसी दिन-रात एक करते नजर आए थे। ऐसे में यह चुनाव भी काफी रोचक होने की संभावना है। 
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गाजीपुर: भाजपा के लिए निर्दलीय बना चुनौती

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भाजपा प्रत्याशी विशाल सिंह चंचल और सपा समर्थित निर्दल प्रत्याशी मदन यादव - फोटो : सोशल मीडिया।
गाजीपुर में स्थानीय निकाय चुनाव भी दिलचस्प होने जा रहा है। यहां पर भाजपा प्रत्याशी विशाल सिंह चंचल के खिलाफ में सपा समर्थित निर्दल प्रत्याशी मदन यादव चुनावी मैदान में है।  मदन यादव पहले ग्राम प्रधान संघ के जिला अध्यक्ष भी रहे हैं लेकिन अब ग्राम प्रधान संघ ने उन्हें जिला अध्यक्ष पद से हटा दिया और अब जो नए जिलाध्यक्ष बने हैं उन्होंने भाजपा को समर्थन करने का एलान कर दिया है। इधर, मदन यादव को जिताने के लिए विधायक ओम प्रकाश सिंह, ओम प्रकाश राजभर से लेकर मुख्तार अंसारी परिवार ने अपना समर्थन दे रखा है। 
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बलिया: भाजपा और सपा में सीधा मुकाबला

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रविशंकर सिंह पप्पू और अखिलेश यादव (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।
बलिया एमएलसी सीट पर भाजपा और सपा में सीधा मुकाबला है। बलिया की राजनीति में पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर और उनके परिवार का हमेशा दखल रहता है। विधान परिषद चुनाव में प्रत्याशी पूर्व पीएम चंद्रशेखर के पौत्र रविशंकर सिंह उर्फ पप्पू तीन बार से बलिया से एमएलसी हैं। हर बार उनके दल अलग रहे हैं। इस दफा विधानसभा चुनाव से पहले ही सपा से पाला बदल कर भाजपा में आ गए थे। इस बार उनके सामने समाजवादी पार्टी के युवा चेहरे अरविंद गिरी ताल ठोक रहे हैं। 
 
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