काशी में कार्तिक पूर्णिमा पर 23 नवंबर को गंगा तटों पर आयोजित हो रहे देव दीपावली कार्यक्रम पर घाटों को दीपों से सजाए जाने के साथ ही सांस्कृतिक विरासतों और धरोहरों की भी झलक दिखेगी। तुलसी घाट पर इसकी तैयारी चल रही है। बनारस के साथ-साथ बहरीन से आए कलाकार अनिल कुमार ने कूंची से ही मणिकर्णिका, जलासेन, सिंधिया घाट आदि की अलौकिक आकृति उकेरी है। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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- फोटो : amar ujala
प्रो. विजयनाथ मिश्रा के निर्देशन में चल रही कलाकार घाटों पर टहलते सैलानियों-दर्शनार्थियों के साथ ही गंगा आरती, मणिकर्णिका घाट पर जलती चिताओं का दृश्य उकेरने में लगे हैं। मिश्रा ने बताया कि इस बार काशी आओ प्रवासी पर 22 फीट ऊंचा लोगो आकर्षण का केंद्र होगा।
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वहीं सारनाथ में लाइट एंड साउंड शो शुरू होने से पूर्व ही काशीवासी गंगा में लेजर लाइट की भव्यता देख सकेंगे। देव दीपावली पर गंगा में लेजर शो का आयोजन हो रहा है, जिसमें गंगा की लहरों पर गंगा की गाथा सुनाई जाएगी। पर्यटन विभाग इसकी तैयारी कर रहा है।
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पहली बार गंगा में लेजर शो का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों से राजघाट पर किया जाएगा। अस्सी घाट पर स्थाई और नियमित तौर पर लेजर शो की योजना बनाई है। योजना के मुताबिक अगले साल से बहुप्रतीक्षित लाइट एंड साउंड शो सारनाथ में शुरू किया जाएगा। प्रवासी भारतीय सम्मेलन से पहले इसे हर सूरत में अंजाम दिया जाना है।
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काशी में गंगा के 84 घाटों पर 23 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा पर देव दीपावली के आयोजनों में अयोध्या और मथुरा की झलक दिखेगी। तीन किलोमीटर तक फैले अर्धचंद्राकार घाटों पर जगमगाते लाखों दीप अयोध्या में दीपावली की याद दिलाएंगे तो फूलों की विशेष सजावट से मथुरा की श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की मनोरम छटा का अहसास होगा।
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि इस बार सभी घाटों पर एक जैसी सजावट की जाएगी। देव दीपावली पर घाटों से लेकर प्रमुख स्थानों पर उत्सव जैसा माहौल बनाने के लिए राज्य सरकार ने पहली बार 50 लाख रुपये मंजूर किए हैं।