पूर्वांचल में बाहुबली नेता की पहचान रखने वाले मुख्तार अंसारी और उनका परिवार इस बार बसपा से विधानसभा चुनाव में है। राजनीति के इस सियासी मैदान में मुख्तार अंसारी का बड़ा बेटा अब्बास अंसारी को पहली बार पारी खेलने का मौका मिला है। अब्बास ने सोमवार को घोसी विधानसभा सीट से अपना नामांकन भरा। अब सवाल यह है कि क्या अब्बास अंसारी इस सियासी मैदान में लंबी पारी खेल पाएंगे?. आगे की स्लाइड्स में देखें...
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अब्बास अंसारी
- फोटो : अमर उजाला
घोसी विधान सभा के प्रमुख दलों से घोषित प्रत्याशियों में इस बार लड़ाई दिलचस्प होती दिख रही है। पूर्व राजस्व मंत्री फागू चौहान लगातार छठवीं जीत दर्ज करने को लिए मैदान में हैं, वहीं मुख्तार अपने बेटे अब्बास को राजनीतिक विरासत सौंपने के साथ ही खुद सदर सीट से अपनी प्रतिष्ठा भी बचाने के लिए लगे हैं। सपा के विधायक सुधाकर सिंह दो बार चुनाव जीतने के बाद तीसरी बार मैदान में हैं। इन दिग्गजों के मैदान में आने के बाद यहां की लड़ाई को दिलचस्प माना जा रहा है।
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अब्बास अंसारी
- फोटो : अमर उजाला
विधानसभा चुनाव के लिए मऊ के घोसी विधानसभा सीट से सोमवार को बाहुबली मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी ने बसपा से अपना नामांकन भरा। 25 वर्षीय अब्बास अंसारी सियासी मैदान में पहली बार खेलने के लिए उतरे हैं। नामांकन के बाद अमर उजाला से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि मैं और मेरा परिवार शुरू से हीं समाज की सेवा के लिए तत्पर रहता है।
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अब्बास अंसारी
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि जब मैं पैदा हुआ उसके बाद से ही समाजसेवा की शिक्षा दी गई। उन्होंने कहा कि मेरे परिवार में राजनीति में आने वाले पहले व्यक्ति मेरे दादा डॉ मुख्तार अहमद अंसारी थे। मेरे दादा प्रेरणास्त्रोत हैं।
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अब्बास अंसारी
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि वो निःस्वार्थ राजनीति करने के लिए हीं बसपा में आए हैं। उन्होंने कहा कि उनके पिता मुख्तार अंसार की छवि केवल मीडिया ने ही बनाई है जबकि ऐसी कोई बात नहीं है। बता दें कि अब्बास अंसारी के उपर किसी भी तरह का कोई मुकदमा दर्ज नहीं है।
अब्बास, चार बार स्कीट शूटिंग में जूनियर और सीनियर नेशनल चैंपियन रह चुका है। वो जर्मनी और फिनलैंड में 2013 में वर्ल्ड शॉटगन चैम्पियनशिप में टॉप टेन में अपनी जगह बना चुका है। हालांकि, रियो ओलंपिक से ठीक पहले एक दुर्घटना में घायल हो जाने से ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने का उसका सपना अधूरा रह गया।