पूजा करते स्वामी जितेन्द्रानंद सरस्वती
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स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती बोले- काशी विश्वनाथ को श्रीरामचरित मानस की कथा सुनाई जाती है। कथा के प्रारंभ में मां श्रृंगार गौरी का पूजन होता है। स्वामी प्रसाद मौर्य पर बोले- कभी स्वामी प्रसाद मौर्य सीएम योगी आदित्यनाथ के चरणों से जूठे पत्तल उठाते थे। फिर उसी जूठे पत्तल के लिए अखिलेश यादव के पास गए। उससे पहले मायावती के जूठे पत्तल उठाते थे। ऐसे लोगों का कोई ईमान-धर्म नहीं हुआ करता है बस बयानबाजी करते रहते हैं। एक बनारसी कहावत है 'कोढ़िया डेरवारे देहिया पर थूक देब...मतलब, ऐसे डराने और थूकने वालों से फर्क नहीं पड़ता। जो खुद का विधानसभा चुनाव नहीं जीत सकता, उसे हम नेता कैसे मानें।