छह दिन के नवजात को लेकर मंगलवार की सुबह करीब सवा आठ बजे जिला महिला अस्पताल कबीरचौरा से बीएचयू जा रही 102 नंबर की एंबुलेंस में मलदहिया चौराहे के पास आग लग गई। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...
Trending Videos
विज्ञापन
2 of 6
burn ambulance
- फोटो : अमर उजाला
जिस वक्त हादसा हुआ, एंबुलेंस में नवजात और उसकी मां समेत छह लोग थे। लपट उठते ही चालक और मेडिकल टेक्नीशियन ने सूझबूझ का परिचय देते हुए नवजात और उसके घरवालों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। एंबुलेंस में रखे अग्निशमन उपकरण से आग पर काबू पाने की कोशिश की लेकिन लपटें विकराल होती गईं। फायर ब्रिगेड के पहुंचने तक एंबुलेंस जलकर पूरी तरह नष्ट हो गई।
विज्ञापन
3 of 6
burn ambulance
- फोटो : अमर उजाला
यह एंबुलेंस पिछले साल मार्च में यहां भेजी गई थी। शुरुआती छानबीन में इंजन में शार्ट सर्किट से आग लगने की बात सामने आई है। सीएमओ के निर्देश पर घटना की जांच शुरू कर दी गई है। लखनऊ से फॉरेंसिक टीम भी बुलाई गई है। हादसे की जानकारी पाकर सीएमओ डॉ. वीबी सिंह मौके पर पहुंचे। एंबुलेंस का संचालन करने वाली कंपनी जीवीके का कहना है कि अभी साल पर पहले ही यह नई एंबुलेंस आई थी। इंजन में शार्ट सर्किट के चलते आग लगी।
4 of 6
ambulance
- फोटो : अमर उजाला
जिला महिला अस्पताल में भर्ती बलिया के छेड़ा गांव निवासी सीता के छह दिन के बच्चे की तबियत खराब होने के बाद उसे बीएचयू रेफर किया गया था। 102 नंबर की एंबुलेंस नवजात, उसकी मां और दो अन्य घरवाले बीएचयू के लिए निकले। एंबुलेंस चालक वीरेंद्र और मेडिकल टेक्नीशियन राकेश ने बताया कि मलदहिया चौराहे से फातमान रोड पर एंबुलेंस घूमी ही थी कि इंजन से धुआं उठने लगा।
विज्ञापन
5 of 6
burn ambulance
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने तत्काल एंबुलेंस रोक दी और आननफानन में नवजात और उसके घरवालों को एंबुलेंस से बाहर निकाला। तब तक लपटें उठने लगीं। पुलिस कंट्रोल रूम और अग्निशमन विभाग को सूचना देने के साथ ही वीरेंद्र और राकेश ने एंबुलेंस में रखे अग्निशमन यंत्र से आग पर काबू पाने की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली।
कुछ ही देर में मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया लेकिन तब तक एंबुलेंस और उसमें लगे सभी उपकरण पूरी तरह नष्ट हो चुके थे। नवजात और उसके घरवालों को प्राइवेट वाहन से बीएचयू ले जाया गया।