फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जांच में खुलासा: वाराणसी में मालवीय पुल से भी गंगा में फेंके गए कोरोना संक्रमितों के शव

Thu, 27 May 2021 01:20 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी

सार

रिपोर्ट में कहा गया कि किसी ने पैसों के अभाव में शव गंगा में बहाए तो कुछ लोगों ने जानबूझकर भी वाराणसी में मालवीय पुल (राजघाट ब्रिज) से शवों को ठिकाने लगा दिया।  यह पूरी रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेज दी गई है। 
विज्ञापन
1 of 5
गंगा में तैरती लाश (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
कोरोना महामारी के दूसरे लहर के प्रकोप के बीच वाराणसी से बक्सर तक गंगा में शव मिलने की घटनाओं से अभी तक पर्दा नहीं हट सका है। ऐसे में गंगा सेवा अभियानम की टीम द्वारा की गई जांच की रिपोर्ट चौंकाने वाली है। रिपोर्ट में कहा गया कि किसी ने पैसों के अभाव में शव गंगा में बहाए तो कुछ लोगों ने जानबूझकर भी वाराणसी में मालवीय पुल (राजघाट ब्रिज) से शवों को ठिकाने लगा दिया।

गंगा सेवा अभियानम के प्रमुख राकेश चंद्र पांडेय ने बताया कि गंगा में जांच के दौरान चौंकाने वाले मामले आए हैं। मल्लाह व गोताखोर गोविंद साहनी और सुभाष चौधरी ने बताया कि अस्पताल में कोरोना से मरने के बाद कुछ शवों को रात के अंधरे में मालवीय पुल से गंगा में फेंका गया। गरीब परिवारों ने तो पैसों के अभाव में चुपके से रात में शव गंगा में बहा दिए। कुछ शव दूसरे जिलों से बहते हुए आए थे। 
विज्ञापन

2 of 5
गंगा में मिली लाशों को गंगा किनारे दफनाया गया - फोटो : bbc
मल्लाह रवि साहनी, कैलाश साहनी, सोहन साहनी, अनिल साहनी, सुरेंद्र साहनी, ने बताया कि पिछले सप्ताह उन लोगों ने गंगा में 17 शव बहते हुए देखे थे। उन शवों को पुलिस व जलपुलिस तथा पीपीई किट पहने हुए कर्मचारियों ने गंगा नदी पार सूजाबाद में रात के अंधेरे में जेसीबी से मिट्टी खुदवाकर शवों को दफनाया गया था।
विज्ञापन

3 of 5
अभियानम के प्रमुख ने कहा कि यह पूरी रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेज दी गई है। अधिकांश शवों को रात्रि में गंगा में फेंका गया। इस शर्मनाक घटना की जितनी निंदा की जाए कम है। मृतकों के परिजनों को अनुग्रह राशि दी जाए। 

4 of 5
गंगा में पड़ी लाशें। - फोटो : अमर उजाला।
उन्होंने कहा कि गंगापार जो शव बालू में दफनाए गए हैं उनका विधिवत अंतिम संस्कार कराया जाए। जो भी इसके लिए दोषी हैं सरकार उनको सख्त से सख्त सजा दे। जांच समिति में गणेश जायसवाल, स्वामी ईश्वरानंद और एसएल सिंह शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
गाजीपुर में कांस्टेबल ने पत्नी हत्या और बच्चों को घायल करने के बाद की आत्महत्या - फोटो : अमर उजाला

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में कोरोना महामारी के दूसरे लहर के प्रकोप के बाद काफी संख्या में लोगों ने दम तोड़ दिया। महामारी के दूसरे लहर ने कई हंसते-खेलते परिवारों को तबाह कर दिया है। इस बीच गंगा किनारे शव दफनाने और नदी में शव बहने के मामले सामने आने लगे
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें