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Sawan 2022: काशी विश्वनाथ धाम में लगेगा शिवभक्तों का महाकुंभ, दो साल बाद शिवनगरी में छाएगा सावन का उल्लास

Sun, 10 Jul 2022 05:36 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

काशी पुराधिपति शिव की नगरी काशी सावन में शिवभक्तों से बम-बम रहेगी। सावन में जहां एक तरफ शिवभक्तों का महाकुंभ काशी विश्वनाथ धाम में लगेगा, वहीं शहर के शिवमंदिरों में भी भक्तों की अनवरत कतार रहेगी। 
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बाबा विश्वनाथ धाम - फोटो : अमर उजाला
काशी पुराधिपति शिव की नगरी काशी सावन में शिवभक्तों से बम-बम रहेगी। सावन में जहां एक तरफ शिवभक्तों का महाकुंभ काशी विश्वनाथ धाम में लगेगा, वहीं शहर के शिवमंदिरों में भी भक्तों की अनवरत कतार रहेगी। कोरोना संक्रमण के दो साल बाद सावन के महीने में शिवनगरी में सावन का उल्लास घाट से लेकर गलियों तक नजर आएगा। मंदिर प्रशासन ने शिवभक्तों की सुरक्षा और दर्शन पूजन का खाका तैयार कर लिया है। श्री काशी विश्वनाथ धाम में सावन के महीने में 60 लाख से अधिक शिवभक्तों के आने की उम्मीद है।

मंदिर प्रशासन के अनुसार सावन के हर सोमवार को छह लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाया गया है। मंदिर प्रशासन सावन में भक्तों की भीड़ को देखते हुए ही तैयारियों को अंजाम दे रहा है। सावन में पहला मौका होगा जब शिवभक्त गंगधार से गंगाधार की राह को बोल-बम के जयकारों से जागृत करेंगे। श्रद्धालु जिस रास्ते से मंदिर में प्रवेश करेंगे उसी रास्ते से वह बाहर भी निकलेंगे।
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बाबा दरबार - फोटो : अमर उजाला
श्रद्धालु ललिता घाट से गंगाजल लेकर मंदिर चौक के प्रवेश द्वार से मंदिर परिसर के पूर्वी गेट से प्रवेश करेंगे। बाबा का दर्शन पूजन करने के बाद पूर्वी गेट से ही मंदिर चौक होते हुए गंगा द्वार से बाहर निकल जाएंगे। गेट नंबर चार से वीआईपी और टिकटधारी श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाएगा। यहां से श्रद्धालु कतारबद्ध होकर मंदिर चौक में पूर्वी गेट से प्रवेश करेंगे और गर्भगृह के पश्चिमी द्वार से बाबा का दर्शन करेंगे। दर्शन के बाद यात्री उसी रास्ते से वापस बाहर निकलेंगे।
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श्री काशी विश्वनाथ धाम। - फोटो : अमर उजाला
सावन के महीने में बाबा के धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए झांकी दर्शन की व्यवस्था रहेगी। मंदिर के चारों द्वार से शिवभक्तों को बाबा के दर्शन मिलेंगे और वहीं पर लगे पात्र के जरिए वह बाबा को जल अर्पित कर सकेंगे। 

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- फोटो : अमर उजाला
आदिविश्वेश्वर सावन के महीने में भक्तों पर अपनी कृपा की बरसात करेंगे। देश भर से शिवभक्त अपने आराध्य का दर्शन करने के लिए बाबा के दरबार पहुंचेंगे। सावन में यह पहला मौका होगा जब भक्त बाबा के काशी विश्वनाथ का भव्य दरबार और स्वर्णिम गर्भगृह का दर्शन कर सकेंगे। साथ ही गंगधार से गंगाधर की डोर को भक्त अपनी आस्था की डोर से भी जोड़ेंगे। सावन की शुरुआत 14 जुलाई से हो रही है और समापन 12 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा पर।
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श्री काशी विश्वनाथ धाम - फोटो : अमर उजाला
संपूर्ण सृष्टि के पालनहार और मृत्यु को हरने वाले देव महादेव शिव का सबसे प्रिय मास सावन की शुरूआत 14 जुलाई से होगी। भगवान आशुतोष को समर्पित इस माह में कांवड़िए गंगा जल से बाबा का अभिषेक करके अपनी मनोकामना की पूर्ति की कामना करते हैं। विश्वनाथ धाम के निर्माण के बाद सावन के महीने में पहला मौका होगा जब शिवभक्तों का रेला उमड़ेगा। 
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काशी विश्वनाथ धाम - फोटो : अमर उजाला
ज्योतिषाचार्य विमल जैन ने बताया कि सावन के महीने में चार सोमवार पड़ रहे हैं। पहला सोमवार 18 जुलाई, दूसरा सोमवार 25 जुलाई, तीसरा सोमवार एक अगस्त और चतुर्थ सोमवार आठ अगस्त को पड़ रहा है। सावन के महीने में दो अगस्त को नागपंचमी और 12 अगस्त को रक्षाबंधन का पर्व पड़ेगा। शिवजी की प्रसन्नता के लिए प्रदोष व्रत 25 जुलाई और नौ अगस्त को रखा जाएगा। मास शिवरात्रि 26 जुलाई को पड़ रही है। हरियाली अमावस्या 28 जुलाई तथा हरियाली तीज 31 जुलाई को मनाई जाएगी। 
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काशी विश्वनाथ धाम - फोटो : अमर उजाला
ज्योतिषाचार्य विमल जैन ने बताया कि जिन जातकों की कुंडली में कालसर्पयोग हो। उन्हें नागपंचमी के दिन शिवजी की पूजा करके नाग नागिन का जोड़ा शिवलिंग पर अर्पित करना चाहिए। ग्रह विशेष की महादशा, अंतरदशा और प्रत्यंतर दशा का उत्तम फल ना प्राप्त हो रहा हो, जिनको शनिग्रह की साढ़ेसाती या अढ़ैया हो उनको श्रावण मास में विधि-विधानपूर्वक व्रत उपवास रखकर भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए। 
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