काशी विश्वनाथ कारिडोर के विकास कार्यों का निरीक्षण कर सीएम योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : अमर उजाला।
अब इस बहुमूल्य पत्थर पर मिर्जापुर, सोनभद्र एवं चंदौली जनपद का ही कानूनी अधिकार है और यहीं से निकलने वाले पत्थर को ही चुनार (मिर्जापुर) का बलुआ पत्थर कहा जाएगा। चुनार बलुआ पत्थर का कारोबार दो हजार करोड़ रुपये सालाना से ज्यादा है। अहरौरा, मड़िहान, राजगढ़, भुइली, सक्तेशगढ़, चुनार, जमालपुर, सोनभद्र के सुकृत तथा चंदौली के कई इलाकों में यह पाया जाता है। प्रमुख कारोबारी चंदन पांडेय, पीयूष श्रीवास्तव, अरविंद मौर्या, नागेश सिंह, राजू सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा का स्वागत किया और इसे विकासोन्मुख कदम बताया है।