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समाजवादी पार्टी की फायरब्रांड प्रवक्ता ने छोड़ी पार्टी, लगाए कई गंभीर आरोप

Tue, 02 May 2017 12:43 PM IST
amarujala.com- Written by: शैलेश कुमार शुक्ल
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पंखुड़ी पाठक
विधानसभा चुनाव के दौरान टीवी डिबेट और सोशल मीडिया में समाजवादी पार्टी के पक्ष में जोरदार अभियान चलाने वाली पंखुड़ी पाठक ने अंततः पार्टी को अलविदा कह दिया। पंखुड़ी ने ट्वीट कर पार्टी के नेताओं पर कई गंभीर आरोप लगाए। आगे की स्लाइड में जानें क्या कहा पंखुड़ी ने...
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पंखुड़ी पाठक - फोटो : सोशल मीड‌िया
विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त के बाद अब समाजवादी पार्टी में इस्तीफों का दौर जारी है। सपा की फायरब्रांड प्रवक्ता पंखुड़ी पाठक ने बेहद दुख मन से पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। पार्टी छोड़ने के बाद पंखुड़ी पाठक ने कहा कि यह बेहद पीड़ादायक फैसला था।
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पंखुड़ी पाठक
पंखुड़ी ने कहा है कि मेरी 'जाति' को लेकर पार्टी के कुछ लोगों को परेशानी है। वे मुझे लगातार परेशान कर रहे हैं। मैं देखूंगी ये लोग कितना पार्टी में सहयोग करते हैं। उन्होंने कहा कि यादव सेना इंडिया के लोग उन्हें परेशान कर रहे थे और जातिगत टिप्पड़ियां कर रहे थे। मैंने इसकी शिकायत पार्टी पदाधिकारियों से की थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

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pankhudi pathak - फोटो : facebook
एक अन्य ट्वीट में पंखुड़ी ने कहा, ' मैं अपने पक्ष पर कायम हूं... जो जातिवादी हैं वो समाजवादी नहीं हो सकते। ये हमें पहचानना है कि कौन अपना है, कौन विरोधी।' उन्होंने कहा कि आज मेरे साथ ऐसा हो रहा है कल किसी और के साथ होगा। जब तक अन्य जातियों से कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, तब तक पार्टी के ऊपर से भरोसा खोना जारी रहेगा।
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pankhudi pathak - फोटो : अमर उजाला
पंखुड़ी ने कहा कि ये फैसला उन्होंने महिलाओं के सम्मान के लिए लिया है। मैं अपनी सभी बहनों से कहना चाहती हूं कि वे मेरे इस फैसले से हतोत्साहित न हों। एक स्‍त्री के नाते हमें अपने सम्मान के लिए स्वयं लड़ना होगा। पंखुड़ी ने स्पष्ट किया कि वे किसी और पार्टी से जुड़ने नहीं जा रही हैं।
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पंखुड़ी पाठक का पर‌िवार - फोटो : सोशल मीड‌िया
उन्होंने कहा, ' मैं किसी अन्य पार्टी से जुड़ने के लिए पार्टी नहीं छोड़ रही हूँ. मैं भी यही समझती थी कि पार्टी को मेरी ज़रूरत है लेकिन शायद ऐसा है नहीं। 'पंखुड़ी पाठक ने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम के बारे में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को सब पता है और वह आज भी उन्हें अपना आदर्श मानती हैं।
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पंखुड़ी पाठक - फोटो : सोशल मीड‌िया
उन्होंने स्पष्ट किया कि वह फिलहाल किसी पार्टी में शामिल नहीं होंगी। वहीं ट्विटर पर भाजपा में शामिल होने के ट्रोल किए जाने पर पंखुड़ी करारा जवाब दिया और कहा कि वह देश छोड़ देंगी लेकिन भाजपा में शामिल नहीं होंगी। दिल्ली में रहने वाली 25 साल की पंखुड़ी पाठ का कोई पॉलिटिकल बैकग्राउंड नहीं है। चंद दिनों में ही दिल्ली की रहने वाली पंखुड़ी अखिलेश की फायर ब्रान्ड नेता बन गई थी। 

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पंखुड़ी पाठक
 उनके पिता जेसी पाठक और मां आरती पाठक डॉक्टर हैं और दिल्ली में ही प्राइवेट प्रैक्टिस करते हैं। पंखुड़ी का छोटा भाई चिराग पाठक अभी ग्रेजुएशन फर्स्ट ईयर का स्टूडेंट है। स्टूडेन्ट लीडर पंखुड़ी पाठक लंबे समय से समाजवादी पार्टी की छात्र सभा से जुड़ी थीं।
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pankhudi pathak - फोटो : अमर उजाला
साल  2010 में हंसराज कॉलेज के चुनाव में उन्होंने ज्वाइंट सेक्रेटरी पद का चुनाव जीता। उस समय इनकी उम्र करीब 18 साल थी।  उन्होंने 2 से 3 साल तक पार्टी की तरफ से प्रत्याशि‍यों को छात्रसंघ का चुनाव भी लड़ाया। दिल्ली में ये चर्चित छात्र नेता हैं। 
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