वाराणसी में नवनिर्मित रामनगर-सामनेघाट पुल पर शनिवार को उद्घाटन की ‘नौटंकी’ ने कुछ देर के लिए सियासी हलचल मचा दी। इस पुल का लोकार्पण पीएम मोदी द्वारा 23 सितंबर को प्रस्तावित है। इस पुल के लेकर वाराणसी में शनिवार को कुछ देर के लिए सियासी हलचल तेज हो गई। आगे की स्लाइड्स में देखें।
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- फोटो : अमर उजाला
सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सतीश फौजी के बेटे अजय यादव ने पुल पर नारियल फोड़ने के बाद फीता काटा और आसपास के लोगों को बुलाकर इसके उद्घाटन की घोषणा कर दी।
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- फोटो : अमर उजाला
इस दौरान कुछ समर्थक भी वहां मौजूद थे। सामनेघाट पुल का उद्घाटन 23 सितंबर को पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाना प्रस्तावित है।
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- फोटो : अमर उजाला
अजय का कहना था कि पुल का काम अखिलेश यादव की सरकार ने कराया और अब योगी आदित्यनाथ की सरकार इसका उद्घाटन करे यह स्वीकार नहीं है। हालांकि अजय के इस हरकत की जानकारी पिता सतीश फौजी को भी नहीं थी।
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वाराणसी-रामनगर को जोड़ने वाला सामनेघाट पुल
- फोटो : अमर उजाला
पूछने पर सतीश फौजी ने बताया कि आठ महीने पूर्व बेटा एक हादसे का शिकार हुआ था। कुछ दिनों तक कोमा में था। अब भी वह पूरी तरह स्वस्थ नहीं है। उसने क्या किया, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
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2007 से बन रहा था पुल, 10 साल में हुआ बनकर तैयार
- फोटो : अमर उजाला
वहीं सपा के महानगर अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल ने कहा कि अजय यादव के कृत्य से पार्टी का कोई वास्ता नहीं है। पार्टी ऐसे काम का समर्थन नहीं करती।