कई राज्यों के विधानसभा के लिए हो रहे चुनाव प्रचार में इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा जाति और गोत्र को लेकर है। एक ओर कांग्रेस नेता ने पीएम नरेंद्र मोदी की जाति पर टिपप्णी की, तो भाजपा ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के गोत्र पर निशाना साधा। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के अपना कौल दत्तात्रेय गोत्र बताते हुए कश्मीरी पंडित कहने पर काशी के संत और विद्वान मुखर हो गए है। आगे की स्लाइड्स में देखें..
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अशोक गहलोत, राहुल गांधी, सचिन पायलट
- फोटो : ANI
राहुल गांधी के गोत्र को लेकर विद्वान और संत मुखर हो गए हैं। विद्वानों का कहना है कि अगर राहुल खुद को ब्राह्मण मान रहे हैं और गोत्र जान गए हैं तो उन्हें उसके अनुसार काम करना चाहिए। वही संतों ने कहा कि यह गोत्र कैसे पता चला, इस बारे में भी जानने की जरूरत है। राहुल के दादा हिंदू नहीं थे। उनके दादा के धर्म में गोत्र नहीं होता है।
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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
- फोटो : amar ujala
श्री विद्या मठ के स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि सनातन परंपरा में भारत पितृ प्रधान देश है। यहां महिला चाहे किसी भी जाति की हो, गोत्र पिता से ही प्राप्त होता है। राहुल के दादा फिरोज गांधी पारसी थे, जबकि दादी इंदिरा गांधी हिंदू थीं। इस आधार पर उनका गोत्र कैसे तय हो सकता है।
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- फोटो : अमर उजाला
दूसरी ओर काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद के अध्यक्ष आचार्य अशोक द्विवेदी ने कहा कि उन्हें राहुल के कश्मीरी ब्राह्मण और कौल दत्तात्रेय गोत्र के होने पर संदेह है। अगर यह सच है तो उनको अपने नाम के आगे कश्मीरी ब्राहमण का टाइटल लगाना चाहिए। गांधी टाइटल वैश्य जाति को प्रदर्शित करती है।
बता दें कि सात दिसंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के दौरे के लिए राहुल गांधी राजस्थान के पुष्कर के ब्रह्मा जी के मंदिर में पहुंचे थे। मंदिर में बैठे पुजारी ने राहुल गांधी के गोत्र का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि राहुल हांधी का गोत्र दत्तात्रेय है। दत्तात्रेय कौल होते हैं और कौल कश्मीरी पंडित होते हैं।