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बाबा विश्वनाथ का गौना उत्सव आज से: बरसाने का घाघरा पहनेंगी माता गौरा, गीतों के बीच हल्दी से शुरू होंगी रस्में

Tue, 28 Feb 2023 09:50 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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रंगभरी एकादशी (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
Rangbhari Ekadashi 2023: बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी रंगभरी एकादशी के दिन अनूठे रंगोत्सव की साक्षी बनेगी। मौका होगा बाबा विश्वनाथ के गौने का। बाबा विश्वनाथ की पालकी उठने के साथ ही काशी की गलियां अबीर-गुलाल की बौछार से लाल हो जाएगी। शिवभक्त बाबा की अगवानी में काशी की गलियों में गुलाल की होली खेलेंगे। गौने में काशीपुराधिपति और मां गौरा के साथ होली खेलने के बाद काशी में फगुनहट का रंग और भी चटख हो जाता है। बाबा के गौना उत्सव के नियमित होने वाले लोकाचार आज से टेढ़ीनीम स्थित पूर्व महंत आवास पर माता गौरा के हल्दी तेल के साथ शुरू हो जाएंगे। भोले बाबा जब गौना कराने जाएंगे तो उनका राजशाही स्वरूप निखर कर सामने आएगा। बाबा विश्वनाथ गौने के लिए खादी की राजसी पोशाक धारण करेंगे और माता गौरा बरसाने का घाघरा पहनेंगी।

रंगभरी एकादशी वैसे तो परंपरागत तरीके से पूरे देश में मनाई जाती है, किंतु इसका सर्वाधिक उत्साह काशी में देखने मिलता है।  तीन मार्च को निकलने वाली पालकी यात्रा के लिए होने वाले लोकाचार से पहले की तैयारियां जारी हैं।
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पालकी की साफ-सफाई करते भक्त - फोटो : अमर उजाला
रंगभरी (अमला) एकादशी पर बाबा विश्वनाथ, माता पार्वती संग प्रथमेश की चल प्रतिमा की पालकी यात्रा के लिए टेढ़ीनीम स्थित पूर्व महंत के आवास पर तैयारियां सोमवार से शुरू हो गईं। 
पढ़ेंः वाराणसी में सात को और पूरे देश में 8 मार्च को मनेगी होली, जानिए होलिका दहन का शुभ मुहूर्त और महत्व
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बाबा विश्वनाथ की पालकी को तैयार करते कारीगर - फोटो : अमर उजाला
एक तरफ बाबा की पारंपरिक पालकी की साफ सफाई शुरू हो गई है, वहीं दूसरी ओर राजा दरवाजा में शिव-पार्वती के राजसी परिधानों को तैयार किया जा रहा है।

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- फोटो : अमर उजाला
राजादरवाजा में महादेव के राजसी वस्त्र नंदलाल मास्टर तैयार कर रहे हैं। यह दायित्व निभाने वाले टेलर मास्टर किशन लाल अपने परिवार की तीसरी पीढ़ी के सदस्य हैं। रंगभरी एकादशी के अवसर पर होने वाले चार दिवसीय लोकाचार की शुरुआत 28 फरवरी से होगी।
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- फोटो : अमर उजाला
महाशिवरात्रि पर बाबा की चल प्रतिमा का शिव-पार्वती विवाह विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत के आवास पर लोकपरंपरानुसार किया गया था। डॉ. कुलपति तिवारी ने बताया कि गौरा के गौना के लिए 28 फरवरी से तीन मार्च तक महंत आवास गौरा के मायके में परिवर्तित हो जाएगा। 
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- फोटो : अमर उजाला
मंगलवार को महंत आवास पर माता गौरा की प्रतिमा के पूजन के बाद गौना की हल्दी होगी। गौनहारिनों की टोली मंगलगीत गाएगी। गौना के अवसर पर बाबा विश्वनाथ की प्रतिमा को परंपरागत खादी से बनी राजसी पोशाक धारण कराएंगे। गौरा के लिये बरसाने एक भक्त ने घाघरा भेजा है। 
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काशी विश्वनाथ - फोटो : अमर उजाला
बाबा विश्वनाथ के गौना के अवसर पर टेढ़ीनीम महंत-आवास पर ‘शिवांजलि’ के लोक एवं सुगम संगीत की पारिवारिक गोष्ठी का आयोजन भी किया जाएगा। इसमें शामिल होने वाले कलाकारों के नाम पर अंतिम निर्णय एक मार्च को किया जाना है।
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