गंगा-जमुनी तहजीब की नजीर काशी में रमजान के पहले रोजे को मुसलमानों ने गाय के दूध और खजूर से रोजा खोलकर सामाजिक समरसता का पैगाम दिया। साथ ही गो संरक्षण का संदेश दिया।
मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की ओर से आयोजित इस ‘काऊ मिल्क’ इफ्तार पार्टी में मुसलमानों के साथ हिंदू भाइयों ने भी रोजा खोला। हिंदू भाइयों ने रोजा रखकर इस्लाम धर्म के प्रति सम्मान दिखाया।
विशाल भारत संस्थान के हूकुलगंज स्थित परिसर में मंच के प्रदेश सह संयोजक मो. अजहरुद्दीन को संस्थान के उपाध्यक्ष डॉ. निरंजन श्रीवास्तव ने गाय का दूध पिलाकर रोजा खुलवाया। डॉ. राजीव श्रीवास्तव ने कुरैशी समाज फाउंडेशन के रियाज को खजूर और दूध पिलाया।
इस मौके पर रियाज कुरैशी ने कहा कि हम न गाय काटेंगे, ना ही कटने देंगे। डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि पूर्वांचल भर में 200 जगहों पर रोजाना काऊ मिल्क इफ्तार पार्टी का आयोजन किया जाएगा।
इबादत के आगे नहीं महसूस हुई गर्मी
रमजान के पहले रोजे की बात ही कुछ और होती है। पहला रोजा रखने को लेकर बच्चे उत्साहित रहते हैं। कुछ ऐसा ही उत्साह लंका की चांदनी और सुंदरपुर की शाहिना खातून में दिखा। 10 और 11 साल की इन नन्हीं बच्चियों ने रमजान के पहले दिन अपना पहला रोजा रखा।
कोशिश तो उन्होंने पिछले साल भी की थी लेकिन गर्मी के आगे पूरा नहीं कर पाई थीं। इस साल ये ख्वाहिश पूरी की। उनका कहना था कि अल्लाह की इबादत के आगे इस बार न तो गर्मी महसूस हुई, ना भूख प्यास का एहसास हुआ। दिन भर नमाज और कुरान की तिलावत की।
रोजा रखने का सिला अल्लाह बच्चों को सौ गुना ज्यादा देता है।