थ्रीडी फिल्म के माध्यम से काशी के प्रमुख स्थान, जिसमें काशी विश्वनाथ मंदिर, मणिकर्णिका तीर्थ, पंचक्रोशी मार्ग को देखा, बनारस की गलियों से लेकर बनारसी पान के लगाने के बारे में जाना, तीसरी दीर्घा में काशी के साहित्य और पत्रकारिता के बारे में जाना, काशी के वस्त्र, देवालय, संगीत के बारे में जाना। गंगा अवतरण, डिजिटल हवन, अग्नि का महत्व, अग्नि का बनारस से संबंध हर किसी को आश्चर्य से भर गया। काशी के ट्रैवेलर, जिसमें मिर्जा गालिब, ह्वेनसांग, काशी का अखाड़ा, काशी में आयुर्वेद को डिजिटल स्क्रीन पर महसूस किया। अंत में कठपुतली नाच के माध्यम से पूरी रामलीला को देखा।