विस्फोट में ढहा मकान
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मृत अब्दुल कलाम के भाई मो. नवीउल और गांव के शाहनवाज अंसारी ने कहा कि सभी की घरवालों से बराबर बातचीत होती थी। लेकिन, उन लोगों ने यह कभी नहीं बताया कि एक ही छत के नीचे दीवार के इस पार कालीन का और उस पार पटाखे का कारोबार होता है। जबकि वहां पटाखे का कारोबार होता है, यह बात यहां के सारे लोगों को पता थी। फिर बुनकर दीवार के उस पार होने वाले बारूद के कारोबार से कैसे अंजान रह सकते थे। इसका जवाब न तो मृतकों के परिजन दे पाए और न ही उनके करीबी।