फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पशुओं का चारा खाने के कारण तुम्हारा नाश हो जाएगा, इस बाबा ने दिया था लालू यादव को श्राप

Sun, 07 Jan 2018 02:18 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मिर्जापुर
विज्ञापन
1 of 7
pagala baba - फोटो : अमर उजाला
चारा घोटाले में सीबीआई की विशेष अदालत ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद को साढ़े तीन साल की सजा और पांच लाख का जुर्माने की सजा सुनाई है। इस सजा के पीछे एक बाबा द्वारा दिए गए श्राप को माना जा रहा है। आगे की स्लाइड्स में देखें...

 
विज्ञापन

2 of 7
pagala baba
लालू यादव को सजा होते ही मिर्जापुर के विभूति नारायण उर्फ पगला बाबा एक बार फिर नहीं होते हुए भी सुखिर्यो में छा गए। आज लालू यादव को मिट्टी में मिलने का श्राप ने मूर्त रुप ले लिया। विध्याचल स्थित तुलसी तलिया स्थित गांव में पगला बाबा का आश्रम है। 

 
विज्ञापन

3 of 7
pagala baba - फोटो : अमर उजाला
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव छह अक्टूबर 2011 को विंध्याचल दौरे के दौरान अचानक पगला बाबा के दर्शन करने उनके आश्रम पहुंचे। इसके बाद पगला बाबा के आश्रम में 26 जुलाई 2013 को बाबा का दर्शन करने पहुंचे थे। सुप्रीम कोर्ट से एक अन्य मामले में राहत मिलने पर पहुंचे लालू यादव ने पूजा अनुष्ठान आदि कराया था। 

 

4 of 7
pagala baba - फोटो : अमर उजाला
लालू यादव ने कहा था कि परिजनों ने एक बार उनको मरा हुआ मानकर गंगा में बहाने जा रहे थे। लेकिन स्थानीय लोगों के कहने पर परिजनों ने पगला बाबा को दिखाया। पगला बाबा ने अपनी तंत्र साधना के बल पर उनको जीवन दान प्रदान किया। पूर्व मुख्यमंत्री पगला बाबा के बहुत पहले से भक्त थे। 

 
विज्ञापन

5 of 7
pagala baba - फोटो : pagala baba
चारा घोटाले की जांच के दौरान पगला बाबा ने कहा था कि लालू तुमने बहुत चारा खाया है। पशुओं का चारा खाने के कारण तुम्हारा नाश हो जाएगा। 

 
विज्ञापन

6 of 7
pagala baba - फोटो : अमर उजाला
स्थानीय लोग बताते हैं कि पगला बाबा दर्शनार्थियों को लाठी, डंडा या कंडे से पीटते थे और गालियां भी देते थे। भक्तगण पगला बाबा की गालियों को आशीर्वाद मानकर सहर्ष स्वीकार करते थे। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
pagala baba - फोटो : अमर उजाला
पगला बाबा का 13 अप्रैल 2017 को अपने निधन हो चुका है। उनके भक्तों द्वारा आश्रम में उनकी समाधि बना दी गई है। आज भी उनके दर्शन पूजन करने के लिए हजारों भक्त पहुंचते है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें