देश के नए मुख्य चुनाव आयुक्त ओमप्रकाश रावत ने मंगलवार को पदभार ग्रहण कर लिया। ओपी रावत का बीएचयू और बनारस से गहरा नाता रहा है। वो बीएचयू के छात्र रहे हैं। उन्होंने यहां 1973 में भौतिकी से एमसएसी की डिग्री हासिल की थी। रावत ने यहां से पीएचडी भी शुरू की थी लेकिन यूपीएससी में चयन हो जाने के कारण छोड़ दिया। बीएचयू प्रशासन ने ओपी रावत को बधाई प्रेषित किया है। आगे की स्लाइड्स में देखें..
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op rawat
- फोटो : पीटीआई
ओम प्रकाश रावत एमपी कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। एमपी कैडर से चुनाव आयुक्त के अहम पद तक पहुंचने वाले ओपी रावत पहले अफसर हैं। उनका कार्यकाल 11 महीने का रहेगा। दिसंबर 2018 में रिटायर होने के पहले उनके कार्यकाल में मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, कर्नाटक के अलावा पूर्वोत्तर के कई राज्यों में चुनाव होंगे।
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ओपी रावत
- फोटो : File Photo
ओपी रावत ने रक्षा मंत्रालय के साथ भी काम किया है। वो 2004 से 2006 तक एमपी के तत्कालीन मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर के प्रमुख सचिव रहे थे। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले रावत को चुनाव आयुक्त बनाया गया था। चुनाव आयुक्त बनने से पहले वो केंद्र में सचिव थे। दो दिसंबर, 1953 को जन्मे रावत 1977 बैच के आईएएस अधिकारी हैं।
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ओ पी रावत
- फोटो : ANI
मध्य प्रदेश के झांसी के हजरयाना मुहल्ले में जन्मे रावत की बचपन से ही पढ़ाई में रुचि थी। पिता स्व.पं.रामस्वरूप रावत प्राथमिक विद्यालय में अध्यापक थे। रावत ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने पिता के निर्देशन में ही पूरी की। उन्होंने यहां के बिपिन बिहारी इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट करने के बाद बी.एससी की पढ़ाई की।
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op rawat
- फोटो : twitter
इसके बाद वह काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) से एमएससी की पढ़ाई करने आ गए। इसके अलावा उन्होंने यूके (यूनाइटेड किंगडम) से सोशल डेवलपमेंट प्लानिंग में एमएससी की। है। इसके बाद ओमप्रकाश रावत 1976 में इंडियन फारेस्ट सर्विस में पदस्थ रहे। फिर वह 1977 बैच के मध्यप्रदेश कैडर के आईएएस बने।
वह 31 दिसंबर 2013 को केंद्र सरकार में सचिव पद से रिटायर हुए। उनकी ईमानदार व स्वच्छ छवि को देखते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह ने उन्हें सिविल सर्विस दिवस पर सर्वश्रेष्ठ लोक सेवा पुरस्कार से सम्मानित किया था।