कानपुर में बरामद पुराने नोटों का मामला सुलझा भी नहीं है कि वाराणसी में बुधवार को पांच सौ के पुराने नोटों का जखीरा बरामद हुआ है। नोटों का यह जखीरा शहर से बाहर जाने वाला था लेकिन पुलिस ने उससे पहले ही जब्त कर लिया। कानपुर में बरामद नोटों का तार वाराणसी से जुड़ा था। अब बनारस में पुराने नोट बरामद होने से हड़कंप मच गया। आगे की स्लाइड्स में देखें..
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- फोटो : अमर उजाला
वाराणसी की चेतगंज पुलिस को सूचना मिली थी कि लक्सा में कुछ लोग पुराने नोटों के साथ किसी का इंतजार कर रहे हैं। सूचना पर पुलिस वहां पहुंची तो तीन युवक पुलिस को देख भागने लगे।
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पुलिस ने पीछा कर उन्हें धर दबोचा। उनके पास से कुल 14 लाख के पांच सौ के पुराने नोट मिले। चेतगंज पुलिस ने बताया कि पुरने नोटों के साथ लक्सा निवासी रितेश केशरी, राकेश थवानी और पंकज सरावगी को गिरफ्तार किया गया है।
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सीओ चेतगंज सत्येंद्र तिवारी ने बताया कि रितेश की कटे-फटे नोटों को बदलने की दुकान है। रितेश 500 और 1000 के पुराने नोटों को पहले भी बदलने का काम कर चुका है। इस बार भी 14 लाख बदलने की तैयारी थी लेकिन तब तक पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
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कानपुर में करोड़ों का कालाधन बरामद
बता दें कि यूपी के कानपुर में 97 करोड़ के पुराने नोट बरामद होने के बाद उद्योग जगत में हलचल मच गई थी। इस मामले के आरोपियों में से दो वाराणसी के हैं। ये यहां से पु्राने नोटों को कानपुर पहुंचाने का काम करते थे।
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चौबेपुर के उकथी के संतोष पाठक और रोहनिया के संजय कुमार सिंह को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है। दोनों कूरियर ब्वॉय का काम करते थे। पुलिस के अनुसार दोनों बनारस और आसपास के जिलों के बिल्डरों के पास से पुराने नोट लेकर कानपुर जाते थे और वहां कोलकाता के मनीचेंजर की मदद से नई करेंसी में बदलवाते थे।
दोनों इस धंधे में बीते तीन महीने से संलिप्त थे। वहीं, दोनों आरोपियों ने बताया कि उन्हें एक करोड़ के पुराने नोट बदलवाने के बदले में 25 लाख का कमीशन देने की बात कही गई थी। इस धंधे में उन्हें लंका क्षेत्र का अरुण सिंह लेकर आया था जो कि पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका है।