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नाग पंचमी विशेष: बनारसी लड़कियों में बढ़ा कुश्ती का क्रेज, बीते वर्ष टूटी थी सदियों पुरानी परंपरा

Wed, 15 Aug 2018 10:12 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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महिला कुश्ती दंगल की पहल - फोटो : अमर उजाला

बनारस की मिट्टी की सुगंध से पूरी दुनिया महमहा चुकी है। मुश्कों के बल पर बनारस केसरी, यूपी केसरी से लेकर हिंद केसरी तक इन पहलवानों की शोहरत और बुलंदी के चर्चे तो पूछिए ही मत। मिट्टी के इन अखाड़ों से अब तक लक्ष्मी कांत पांडेय, चिक्कन पहलवान, नरसिंह यादव, बीबी भार्गव जैसे ओलंपियन कुश्ती के पटल पर अपने दांव-पेच का लोहा मनवा चुके हैं। आगे की स्लाइड्स में देखें....

 
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- फोटो : अमर उजाला
बीते वर्ष नागपंचमी पर गोस्वामी तुलसीदास अखाड़े में वर्षों पूरानी पंरपरा टूटी थी। यहां महिला पहलवानों को लड़ाने की नई परंपरा की शुरुआत हुई थी। काशी समेत पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों की 12 महिला पहलवानों को पहली बार दांव-पेच आजमाने का मौका मिला था। इसे महिला कुश्ती के क्षेत्र में बड़ी पहल के रूप में देखा गया था। तब से लेकर आज तक इस एक वर्ष में बनारस की बेटियों ने कुश्ती के प्रति अपना रुझान दिखाया है।  
 
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- फोटो : अमर उजाला

दोनों पहर अखाड़ों में धूल पोतकर दांव सीखने और जोड़ी-गदा फेरने वाले शहर बनारस में अब कुश्ती की लय बदल गई है। यह नई-ताजी हवा जल्द ही बहार बन कर छा जाएगी। गीता फोगाट, साक्षी मलिक जैसी महिला पहलवानों के विश्व पटल छाने के बाद लड़कियों में कुश्ती के प्रति क्रेज बढ़ गया है। अब महिलाएं दंगल में उतरने लगी हैं। 

 

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गोस्वामी तुलसीदास अखाड़ा में पहली बार महिला मल्लों की भिड़ंत - फोटो : अमर उजाला
इसके लिए सिगरा स्टेडियम से लेकर परंपरागत अखाड़ों तक लड़कियां दांव-पेच सीखने में जुटी हैं। एक-दूसरे को धूल चटाने, चित करने और आसमान तकाने के लिए वह पसीना बहा रही हैं। कोई कोच की मदद ले रहा है तो कोई गुरुओं की। गोस्वामी तुलसी दास अखाड़े में बुधवार को बालाओं के दांव-पेच का जादू दिखेगा। 
 
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women wrestling in Varanasi - फोटो : अमर उजाला

महिलाओं के इस दंगल में बनारस के अलावा मिर्जापुर, मऊ, जौनपुर की भी महिला पहलवानों के दांव चलेंगे। इसके लिए यह महिला पहलवान लगातार अभ्यास कर रही हैं।
 
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women wrestling in Varanasi - फोटो : अमर उजाला

पलक की रगों में पहलवानी है। यूपी केसरी कल्लू पहलवान की पोती पलक डंबल भी फेरती है। वह रोज तीन घंटे से अधिक अखाड़े में रियाज कर रही है। इसके लिए उसके खान-पान का विशेष ख्याल रखा जाता है, ताकि वह आने वाले दिनों राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के लिए खुद को तैयार कर सके। गीता फोगाट को अपना आइडियल मानने वाली पलक अपने दादा गुरु से पहलवानी के दांव सीख रही है।
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