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पीएम के संसदीय क्षेत्र में क्यों लाल हो रही वरूणा, तस्वीरें बयां कर रही हकीकत

Thu, 07 Feb 2019 10:27 AM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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- फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में गंगा को स्वच्छ बनाने की कवायदें लाख की गई हो, लेकिन जिम्मेदारों के नाक के नीचे से ही गंगा और वरूणा नदी को अवैध रुप से गंदा किया जा रहा है। जिससे वरूणा खून की नदी के रूप में बदलती जा रही है। देखें कैसे हुई वरूणा लाल ...
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- फोटो : अमर उजाला
वाराणसी में यूपी एनजीटी के चेयरमैन सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति देवी प्रसाद सिंह अपनी टीम के साथ वाराणसी की स्वच्छता की जांच करने आए थे। जिसमें उन्हें बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल, ट्रॉमा सेंटर, मंडलीय अस्पताल से लेकर शहर के निजी अस्पतालों में काफी अनियमितताएं मिली।
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- फोटो : अमर उजाला
टीम को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के एक बंद कमरे में पैकेट में बांधकर रखे गए मानव अंग और गंदगी मिली। जिसपर उन्होंने ने बीएचयू के अधिकारियों को कचरा सही से न रखने पर फटकारा, वहीं मांस व पट्टी, सुई, गार्बेज के निस्तारण में लापरवाही पर हैरानी जताई। हेरिटेज अस्पताल द्वारा सीवर लाइन में मेडिकल वेस्ट डालने पर फटकार लगाई। 

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- फोटो : अमर उजाला
वहीं, अर्दली बाजार के एक नाले में खून वाला पानी बह रहा था, जो वरुणा से होते हुए गंगा में जा रहा है। जांच में पाया गया कि सैकड़ों की संख्या में अवैध तरीके से पशुओं को काटा जा रहा है। इनका खून और मांस के टुकड़े सीवर से होते हुए नदियों में जा रहे हैं। जांच टीम को वहां के लोगों ने घेर लिया। फिर पुलिस फोर्स भी पहुंच गई तब टीम के बारे में जानकारी हुई। उन्होंने शहर के नालों में बहते खून पर नाराजगी जताई और उसका फोटो और वीडियो तैयार कराया है।
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- फोटो : अमर उजाला
जिसपर नगर निगम के नगर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल ने कहा कि नगर निगम के सभी स्लाटर हाउस बंद हैं। पुलिस को भी लिखा गया है। जिन क्षेत्रों में इस तरह की समस्या है तो उसके लिए अलग से ईटीपी लगाना होगा तभी इसके प्रदूषण को रोका जा सकेगा। नदियों के किनारे के अतिक्रमण का ड्रोन सर्वे कराया गया है। अब राजस्व विभाग के साथ अतिक्रमण हटाया जाएगा।
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वहीं, सर सुंदरलाल अस्पताल के एमएस प्रो. विजय नाथ मिश्रा ने बताया कि टीम ने अगर मेडिकल बायोवेस्ट के साथ अंग काटकर फेंकने की रिपोर्ट दी है तो इसका मूल्यांकन कराकर व्यवस्था सुधारी जाएगी। अस्पताल में बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण कराने वाली कंपनी को तीन बार नोटिस दी जा चुकी है। अब नया टेंडर होना है। सुपर स्पेशियलिटी सेंटर बनने से कचरा घर भी टूट गया है।
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