यूपी के मिर्जापुर में युवक ने सौतेली मां और भाई की चापड़ से काटकर की हत्या कर दी गई। आरोपी ने शवों को ठिकाने लगाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली से ले गया था। भाई का शव डेढ़ सौ मीटर पहले रास्ते में गिर गया था। उठाने पहुंचा तो लोगों ने शोर मचा दिया। पुलिस ने पकड़ लिया है।
यूपी के मिर्जापुर के मड़िहान थाने से 200 मीटर दूर गुप्ता भवन में मंगलवार की सुबह बिल्डिंग मैटेरियल कारोबारी आयुष गुप्ता (30) और उनकी मां ऊषा गुप्ता (55) की सौतेले भाई राहुल ने भुजाली (चापड़) से काट कर हत्या कर दी।
इसके बाद आरोपी शवों को ठिकाने लगाने के लिए 500 मीटर दूर ट्रैक्टर ट्रॉली से नहर पर ले गया, मगर डेढ़ सौ मीटर पहले ही रास्ते में आयुष का शव सड़क पर गिर गया। सौतेली मां का शव नहर में फेंकने के बाद वह आयुष का शव उठाने पहुंचा तो लोगों की नजर पड़ गई।
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नहर के पास जमा भीड़ और पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। दोनों शवों को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ऊषा गुप्ता के दामाद राजकुमार गुप्ता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी राहुल के अलावा दपंती राम प्रसाद व सुषमा पर भी हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर ली है। आरोप है कि राहुल ने बिल्डिंग मैटेरियल वाली जमीन दंपती को बेच दी थी। राम प्रसाद व उसकी पत्नी इस जमीन पर कब्जा करना चाहते थे। इसी बात पर विवाद चल रहा था।
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नहर के पास जमा भीड़ और पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ट्रैक्टर-ट्रॉली में लादे शव
अपर पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार मिश्रा ने बताया कि मंगलवार की सुबह सौतेली मां ऊषा गुप्ता और सौतेले भाई आयुष गुप्ता की हत्या के बाद उनके शवों को ठिकाने लगाने के लिए आरोपी ने जल्दबाजी की। ट्रैक्टर के बंपर पर आयुष तो ट्रॉली में ऊषा के शवों को लादकर पटेवर गांव मड़िहान ब्रांच नहर पहुंचा।
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घटना की जानकारी देते अफसर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सड़क किनारे मिला आयुष का शव
वहां उसने ऊषा का शव नहर में फेंक दिया, लेकिन आयुष का शव ट्रैक्टर के बंपर पर नहीं मिला। इस पर राहुल रास्ते में शव खोजते हुए लौट रहा था, मड़िहान तिराहे पर सड़क किनारे आयुष का शव मिला। शॉल से ढककर वह शव उठाने लगा, तभी चौराहे पर पहले से बस का इंतजार कर रहे दो राहगीरों ने शोर मचा दिया।
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नहर के पास जमा भीड़ और पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
पकड़े जाने के डर से राहुल वहां से भाग निकला। घर पहुंचकर सबूत मिटाने की जुगत करने लगा। मड़िहान पुलिस ने आयुष के शव को कब्जे में लेकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। हत्या में प्रयुक्त हथियार, ट्रैक्टर-ट्रॉली को थाने लेकर आई। ढाई घंटे बाद साढ़े तीन किमी दूर हसरा गांव के सामने नहर के पानी में ऊषा गुप्ता का शव मिल गया।
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नहर के पास जमा भीड़ और पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
परिवार रजिस्टर से गायब था राहुल का नाम
सौतेली मां और भाई की हत्या का आरोपी राहुल का नाम परिवार रजिस्टर में नहीं था। आसपास के लोगों के मुताबिक नाम कटवाने के शक में उसने सौतेली और भाई की हत्या की। परिवार रजिस्टर से राहुल का नाम कटना और कुछ दिनों पहले पिता की ओर से ठेकेदारी के लिए बैंकों में रखे गए बंधक पत्रों का लगभग एक करोड़ मिलना भी घटना की तरफ इशारा कर रहा है। पुलिस इन बिंदुओं पर जांच कर रही है।
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नहर के पास महिला के शव की तलाश में पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आसपास के लोगों का कहना था कि जब 10 साल बाद राहुल घर लौटा तो उसका नाम परिवार रजिस्टर सहित कई दस्तावेजों से गायब मिला। उसे शक था कि उसका नाम सौतेली मां और भाई ने कटवा दिया है। दस्तावेजों में नाम दर्ज कराने में राहुल के पसीने छूट गए थे। पिता की संपत्ति पर मालिकाना हक दर्ज कराने के लिए उसने मड़िहान तहसील से 25 नवंबर 2023 को आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र जारी कराया था।
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इसी ट्रैक्टर-ट्रॉली से आरोपी ले गया था मां और भाई के शव
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
राहुल के नाम से करते थे ठेकेदारी
लोगों ने बताया कि पिछले तीन-चार दिनों से गुप्ता भवन में लोगों का जमावड़ा हो रहा था। आयुष के जीजा राजकुमार गुप्ता ने बताया कि राहुल के पिता प्रेम चंद्र पिता पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार थे। राहुल के नाम से भी ठेकेदारी करते थे।
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नहर के पास जमा भीड़ और पुलिस
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
राहुल ठेकेदारी का 10 करोड़ लेकर केरल भाग गया था। सारा कर्जा उसके पिता ने भरा। पिता की 2023 में मौत होने के बाद वह घर लौटा। घर लौटने के बाद से संपत्ति को लेकर विवाद कर रहा था। छह माह पहले विवाद थाने पर पहुंचा था पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोपी की निशानदेही पर क्षेत्राधिकारी ऑपरेशन शिखा भारती के साथ पुलिस टीम पटेवर स्थित नहर पर पहुंचकर शव की खोजबीन की।
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नहर के पास जमा ग्रामीणों की भीड़ और पुलिस
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
राहुल के पिता की दोनों पत्नियों के नाम थे ऊषा
मड़िहान बाजार स्थित गुप्ता भवन में मंगलवार की भोर मां-बेटे की हत्या का कारण संपत्ति विवाद बताया जा रहा है। कस्बा निवासी परिचित ज्योति प्रकाश गुप्ता ने बताया कि प्रेमचंद्र गुप्ता सन 1984 में मऊ के वलीदपुर से मड़िहान बाजार में आकर बस गए थे। वह पीडब्लूडी के बड़े ठेकेदारों में शुमार थे।
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घटना की जानकारी देते अफसर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उनके पास करोड़ों की संपत्ति थी। उनकी पहली पत्नी ऊषा देवी से पुत्री गुंजन और पुत्र राहुल थे। 36 वर्ष पहले पत्नी ऊषा देवी का निधन हो गया था। इसके बाद प्रेमचंद्र ने दूसरी शादी ऊषा गुप्ता से की। दूसरी पत्नी से पुत्र आयुष और दो बेटियां संध्या और विनीता गुप्ता थीं।
नहर के पास जमा ग्रामीण
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रेमचंद ने अपनी तीनों पुत्रियों की शादी कर दी थी। राहुल का भी विवाह 2009 में मिर्जापुर मुकेरी बाजार में किया था। 2013 में राहुल और उसकी पत्नी के रिश्तों में दरार आ गई। शादी टूट गई। करीब तीन वर्ष घर पर रहने के बाद राहुल कहीं चला गया। इसी बीच प्रेमचंद्र गुप्ता की सन 2023 में मौत हो गई, तब वह घर लौटा।