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गैंगवार में हत्या: मुख्तार के स्वागत में शामिल होती थी मेराज की 786 नंबर की लाल सफारी, कुछ ऐसी थी नजदीकियां

Sat, 15 May 2021 09:12 AM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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मुख्तार अंसारी, भाई मेराज। - फोटो : अमर उजाला।
मऊ जिले के सदर विधायक मुख्तार अंसारी का मेराज इतना करीबी था कि जिस रंग की गाडियां मुख्तार के पास होती थी, उसी रंग की गाडियों से मेराज भी चलता था। यही नहीं, गाडियों का नंबर भी मुख्तार अंसारी की तरह ही 786 नंबर हुआ करता था। वर्ष 2002-2003 के दौरान मुख्तार अंसारी का जब भी बनारस में आगमन होता था तो मेराज की दो लाल सफारी 786 नंबर के साथ मुख्तार के काफिलें में शामिल रहती थी। उस समय से अब तक मुख्तार के संरक्षण में मेराज ने कई ऐसे काम और नाम किए कि सियासी रसूख वाले भी पैरवी के लिए मेराज के यहां मनुहार करते थे। मेराज और मुख्तार को नजदीक से जानने वाले बताते हैं कि लाल सफारी उस समय सड़कों पर निकलती थी तो रास्ता खाली कर दिया जाता था, कितना भी जाम हो एक झटके में खत्म हो जाया करता था। देखें अगली स्लाइड्स...।
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मुख्तार अंसारी - फोटो : amar ujala
दो दशक पूर्व लोहता इलाके में चुनावी एक जनसभा को संबोधित करने के लिए मुख्तार अंसारी आए थे तो मेराज भी साथ-साथ था। मंच पर बकायदा मेराज के कंधे पर हाथ रखते हुए मुख्तार अंसारी ने कहा था कि मेराज भाई की पहचान का पता उनकी लाल सफारी बताती है। सड़कों पर निकलती है रास्ते खाली हो जाते हैं।
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मुख्तार अंसारी, भाई मेराज। - फोटो : अमर उजाला।
कहता था मेराज, मुख्तार के लिए जान भी हाजिर
ईद के दिन पहडिया स्थित अशोक विहार कॉलोनी में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ था। घर के कुछ सदस्य बाहर गमगीन थे तो घर के अंदर से रह-रहकर महिलाओं की रोने और बिलखने की आवाजें बाहर खड़े लोगों को दहला दे रही थी। गाजीपुर के करीमुद्दीनपुर स्थित पैतृक आवास से भी कुछ लोग व रिश्तेदार पहुंच चुके थे।

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मुकीम काला और चित्रकूट जेल का फाइल फोटो - फोटो : amar ujala
घर के बाहर आपस में बातचीत के दौरान कुछ अधेड़ ने कहा कि विधायक मुख्तार अंसारी पर हो रही बदले की कार्रवाई की सूई मेराज की ओर घूम गई। मऊ सदर विधायक मुख्तार से नजदीकिया रखने पर ही मेराज पर सिलसिलेवार कार्रवाई शुरू हुई थी।
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घटना के बाद छावनी बनी चित्रकूट जेल - फोटो : amar ujala
इस दौरान शस्त्र जब्त किए गए, संपत्ति जब्त की गई। भाई सेराज व नदेसर निवासी भांजे परवेज को जेल भेजा गया। हालांकि कार्रवाई से मेराज तनिक भी दहला नहीं और कहता रहा कि मुख्तार अंसारी के लिए जान भी हाजिर है।
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