सदी का सबसे लंबा पूर्ण चंद्रग्रहण 104 साल बाद आज रात लगने वाला है। यह चंदग्रहण पूरे भारत में दिखाई देगा। ग्रहण रात में 11.54 मिनट से लेकर 28 जुलाई को भोर से पहले 3.49 मिनट पर समाप्त होगा। चंदग्रहण के दौरान कुछ कार्यों को नहीं करना चाहिए। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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lunar eclipse
खग्रासारंभ रात्रि एक बजे शुरू होगा और खग्रास का समापन रात्रि 2.43 बजे होगा। इस दौरान चंद्रमा पूरी तरह से ढका रहेगा। यह चंद्रग्रहण उत्तराषाढ़ा नक्षत्र व श्रवण नक्षत्र में जन्म लेने वालों के लिए अशुभ है।
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Lunar eclipse
चंद्रग्रहण का सूतक नौ घंटे पहले शुरू हो जाता है। सूतक लगने के बाद मंदिर में प्रवेश, देव मूर्तियों को स्पर्श, भोजन करना, यात्रा इत्यादि वर्जित है। ग्रहण अवधि में श्राद्ध, दान, जप, मंत्र सिद्धि इत्यादि का शास्त्रोक्त विधान है।
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Lunar eclipse
ज्योतिष शास्त्री पं. दीपक मालवीय ने बताया कि चंद्रग्रहण को भारत के अलावा दुनिया के कई देशों में देख जा सकेगा। यह चंद्रग्रहण मकर राशि पर लगेगा और स्पर्श के समय उत्तराषाढ़ा नक्षत्र होगा।
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चंद्रग्रहण
- फोटो : अमर उजाला
मोक्ष के समय श्रवण नक्षत्र होगा तथा मकर राशि होगी। इसलिए उत्तराषाढ़ा व श्रवण नक्षत्र में जन्म लेने वालों को चंदग्रहण को देखने से बचना चाहिए। यह उनके लिए अशुभ फलदायी है।
बारह राशियों के फल की बात करें तो मेष राशि वालों को सुख, वृष को मान हानि, मिथुन को मृत्यु तुल्य कष्ट, कर्क राशि वालों को स्त्री कष्ट, सिंह को संपन्नता, कन्या को मानसिक तनाव, तुला व्यथा, वृश्चिक को आय में वृद्धि, धनु को क्षति, मकर राशि को विश्वासघात, कुंभ को हानि और मीन राशि वालों को आय में वृद्धि का फल मिलेगा।