आसमान में रंग-बिरंगी पतंगें लहराने लगी हैं तो वहीं भक्काटे का शोर भी सुनाई देने लगा है। मकर संक्रांति पर्व से पूर्व ही आसमान में पतंगबाजी को लेकर बच्चों से लेकर युवा तक तैयारियों में जुट गए हैं। बाजार भी पूरी तरह से सजकर कर तैयार हैं। इस बार बाजार में रामपुर और मुरादाबाद की प्रिंटेंड पंतगों का क्रेज सबसे अधिक है। वहीं औरंगाबाद और दालमंडी इलाके में मोदी-शाह की जोड़ी नंबर वन वाली पतंग की मांग सबसे अधिक है।
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बाजारों में बिक रहीं पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के फोटो वाली पतंगें।
- फोटो : अमर उजाला।
बनारस सहित आसपास जिलों के व्यापारियों ने इन पतंगों की खरीदारी पर ज्यादा जोर दिया है। इसके अलावा ट्वेंटी-20 न्यू ईयर, स्माइली, कार्टून और महाकाल आदि चित्रों वाली पतंगें इस बार बाजार में आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। पिछली बार के मुकाबले इस साल दाम में बहुत अंतर नहीं है। दो रुपये से लेकर सौ रुपये तक की पतंगें बाजार में हैं। व्यापारियों के अनुसार इस साल औसतन दो, तीन और चार रुपये वाली पतंग की बिक्री सबसे अधिक है।
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पश्चिमी यूपी से आता है पतंग और मांझा
बनारस में पतंग का कारोबार एक सीजन भर का होता है। 15 दिसंबर से लेकर 15 जनवरी तक करीब 5 करोड़ रुपये के कारोबार का व्यापारियों ने अनुमान लगाया है। दालमंडी और औरंगाबाद पतंग, मांझा का सबसे बड़ा और होलसेल बाजार है।
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इसके अलावा यहां से चंदौली, गाजीपुर, मऊ, भदोही, मिर्जापुर, सोनभद्र आदि जिलों के व्यापारी खरीदारी करने आते हैं। बनारस में पश्चिमी यूपी के रामपुर, मुरादाबाद, कानपुर और प्रयागराज से भी पतंगे आती हैं। मांझा बरेली से आता है।
औरंगाबाद में पतंग कारोबारी छोटेलाल ने बताया कि इस बार पतंग का कारोबार पिछले सीजन की तुलना में बहुत अच्छा नहीं कह सकते हैं। मगर, फिर भी बिक्री जोर पकड़ रही है। इस बार बाजार में मोदी-शाह, योगी और टवेंटी-20 जैसे चित्रों वाली पतंगों की मांग अधिक है। वहीं बाबू का कहना है कि प्लास्टिक वाली पतंग के मुकाबले इस बार बाजार में खास तरह के कागज पर प्रिंट वाली पतंग का क्रेज सबसे अधिक है। बच्चे और युवा यही पतंग की मांग कर रहे हैं। मोदी-शाह की जोड़ी नंबर वन वाली पतंग की मांग अधिक है।