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इतिहास में पहली बार, काशी विश्वनाथ मंदिर की सप्तर्षि आरती हुई बाहर

Tue, 27 Oct 2020 04:26 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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गोरक्षपीठ में हुई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने हुई काशी विश्वनाथ के सप्तर्षि आरती। - फोटो : अमर उजाला
विजयादशमी के महापर्व पर गोरक्षपीठ में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर की सप्तर्षि आरती का अनुष्ठान कराया गया। सीएम योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में सप्तर्षि आरती का अनुष्ठान रविवार को गोरखपुर में संपन्न हुआ।
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काशी विश्वनाथ मंदिर के इतिहास में यह पहला मौका है, जब बाबा की सप्तर्षि आरती काशी से बाहर आयोजित की गई। रविवार को गोरक्षपीठ का प्रांगण सप्तर्षि आरती के मंत्रों से गुंजायमान हो उठा। गोरक्षपीठाधीश्वर एवं सीएम योगी आदित्यनाथ पूरे आयोजन के दौरान मौजूद रहे।
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काशी विश्वनाथ मंदिर। - फोटो : अमर उजाला।
काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी ने कहा कि सप्तर्षि आरती का गोरक्षनाथ पीठ में होना समाज की धार्मिक भावनाओं में ऐतिहासिक परिवर्तन का संकेत है। महंत परिवार के सदस्यों द्वारा दीक्षित मंत्र से सप्त ऋषियों का आह्वान हर रोज किया जाता है।

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काशी विश्वनाथ मंदिर
विशिष्ट विधान के कारण ही सप्तर्षि आरती सिर्फ और सिर्फ श्री काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग में ही संपन्न होती है। संकठा घाट स्थित आत्मावीरेश्वर को काशी विश्वनाथ की आत्मा माना गया है।
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- फोटो : अमर उजाला।
इसलिए आत्मावीरेश्वर मंदिर में भोग और आरती के समस्त विधान काशी विश्वनाथ मंदिर के विधान के अनुसार ही होते हैं। ब्राह्मणों के चयन से लेकर आरती संपन्न कराने तक की जिम्मेदारी सतुआ बाबा आश्रम के महामंडलेश्वर संतोष दास ने निभाई।
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