ना भूतो ना भविष्यति की तर्ज पर बाबा विश्वनाथ धाम का लोकार्पण देश के लिए नए युग का सूत्रपात करेगा। आदि विश्वेश्वर का राजराजेश्वर स्वरूप में भव्य पूजन होगा, वहीं देश की संपूर्ण सनातन परंपराओं की धाराओं का महामिलन ऐतिहासिक क्षण होगा। शैव, शाक्त और वैष्णव संप्रदाय के प्रमुख लोकार्पण समारोह में प्रधानमंत्री को संकल्प दिलाएंगे।
श्री काशी विश्वनाथ धाम का लोकार्पण समारोह में देश की संपूर्ण सांस्कृतिक परंपरा और धारा का समावेश होगा। त्रिशूल पर बसी शिव की नगरी काशी में यह पहला मौका होगा, जब पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण के संतों का महामिलन होगा। देश भर के महामंडलेश्वर, महंत, श्रीमहंत और संयासी बाबा के धाम के लोकार्पण समारोह के होंगे। देश भर की नदियों व तीर्थों का जल लेकर सभी संत-महंत काशी आएंगे और इसी जल से बाबा का अभिषेक किया जाएगा।