शिव की नगरी काशी रंगों के त्योहार होली में सराबोर है। वाराणसी में शुक्रवार को रंगभरी एकादशी, शनिवार को चिता भस्म की होली ने जहां लोगों को आकर्षित किया वहीं रविवार को मुस्लिम महिलाओं ने होली खेलकर गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल पेश की। गुलाब और गुलाल बरसा कर महिलाओं ने आपसी प्रेम भावना का संदेश दिया। धर्म के नाम पर नफरत फैलाने वालों को वाराणसी की मुस्लिम महिलाओं ने गुलाल और फूलों की होली खेलकर मोहब्बत का पैगाम दिया। ढोल की थाप पर फगुआ गाती मुस्लिम महिलाएं हवा में गुलाल उड़ाकर फिजाओं को रंगीन बना रही थीं।
महिलाओं ने कहा कि पूरी दुनिया में रंगों की होली होती है लेकिन काशी में दिल मिलाने की होली खेली जाती है और नफरत की होलिका जलाई जाती है। तभी तो भूत भावन महादेव श्मशान में चिता की भस्म से होली खेलते हैं। हमारे पूर्वजों के खून में होली के रंगों की लालिमा है। नीचे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...