खेत की चाहत में अंधा बने बेटे ने पिता, मां और बहन की किस बेरहमी से हत्या की, उसकी गवाही मृतकों के शरीर पर हुए कुल्हाड़ी के वार के निशान बता रहे थे। हत्यारोपी ने पिता शिवराम पर नौ, बहन पर सात और मां पर तीन वार कर तीनों को मौत के घाट उतारा था। तीनों मृतकों के गर्दन पर गहरी चोट तो सिर, पीठ और बांह पर जख्म थे। करीब पौने तीन घंटे में पहले पिता, पुत्री और अंत में मां के शव का पोस्टमार्टम हुआ।