वाराणसी के जैतपुरा थाने में मेराज ने किया था सरेंडर, (फाइल फोटो)।
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चित्रकूट जेल में हत्या
सुबह करीब दस बजे जेल में बंद अंशु अपने बैरक से निकला। जब वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों से उसने कहा कि वो पीसीओ जा रहा है, किसी को फोन करना है। तब किसी को अंदाजा नहीं था कि वो क्या करने वाला था। इस वक्त उसके पास पिस्टल थी। एक बड़े पुलिस अफसर ने बताया कि बैरक से निकलने के बाद अंशु सीधे मेराज की हाई सिक्योरिटी बैरक में पहुंचा। मेराज को देखते ही उस पर पिस्टल तान दी। उसने कहा कि तुम लोगों ने बहुत आतंक मचा लिया। अब मुख्तार अंसारी का खेल खत्म हो चुका है, उसका कोई गुर्गा जिंदा नहीं रहेगा। जब तक मेराज कुछ समझ पाता अंशु ने उस पर गोलियां दाग दीं।