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तस्वीरेंः काशी में खतरे के निशान की ओर बढ़ने लगी गंगा, बदला घाटों का नजारा, शवदाह स्थल जलमग्न

Mon, 02 Aug 2021 10:13 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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गंगा का जलस्तर अब खतरे के निशान की ओर - फोटो : अमर उजाला
वाराणसी में गंगा के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। गंगा का जलस्तर अब खतरे के निशान की ओर बढ़ने लगा है। इससे जहां घाटों का संपर्क आपस में टूट गया है, वहीं हरिश्चंद्र और मणिकर्णिका घाट पर शवदाह स्थल भी बदल दिए गए हैं। गंगा में उफान आने के बाद सोमवार सुबह से जल पुलिस ने नौका संचालन अगले आदेश तक के लिए बंद कर दिया है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार पहाड़ों पर हो रही तेज बरसात के कारण मिर्जापुर, बनारस, गाजीपुर और बलिया में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। पूर्वांचल के जिलों में आठ सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोत्तरी हो रही है। रविवार सुबह गंगा का जलस्तर 64.36 मीटर दर्ज किया गया।

पिछले 24  घंटे में गंगा के जलस्तर में 1.32 मीटर की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई।  बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने जल पुलिस और एनडीआरएफ के जवानों को भी अलर्ट मोड पर रखा है। इधर, गंगा के उफान को देखते हुए वरुणा नदी के किनारे रहने वाले लोगों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। जिसके चलते वरुणा के तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों ने बारिश के बचाव के लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। वरुणा के तटवर्ती क्षेत्रों में नक्खीघाट, सरैयां, अमरपुर मड़िया, शैलपुत्री आदि इलाकों में बाढ़ का पानी घरों में चला जाता है।
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गंगा का बढ़ा जलस्तर - फोटो : अमर उजाला
गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी से ललिता घाट और मणिकर्णिका घाट पर चल रहा निर्माण कार्य भी गंगा में डूब गया है। घाट पर रखा गया मलबा पानी में समा गया है। डोम परिवार ने बताया कि जलस्तर ज्यादा बढ़ेगा तो चिताएं ऊपर जलाई जाएंगी। 
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24 घंटे में सवा मीटर से अधिक बढ़ा गंगा का जलस्तर - फोटो : अमर उजाला
गंगा में तेजी से बढ़ाव का सिलसिला 28 जुलाई की रात से आरंभ हुआ। 29 से 30 जुलाई के बीच के बढ़ाव की गति अचानक काफी तेज हो गई। इन चौबीस घंटों में गंगा के जलस्तर में 02.04 मीटर का इजाफा हुआ था।

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24 घंटे में सवा मीटर से अधिक बढ़ा गंगा का जलस्तर - फोटो : अमर उजाला
30 से 31 जुलाई के बीच गंगा में बढ़ाव की रफ्तार कुछ मंद पड़ी। इन 24 घंटों में मात्र 52 सेंटीमीटर ही वृद्ध हुई। 31 जुलाई से एक अगस्त के बीच के चौबीस घंटों में एक बार फिर सवा मीटर से अधिक बढ़ाव हुआ। वाराणसी में गंगा का चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर जबकि खतरे का बिंदु 71.262 मीटर और उच्चतम बाढ़ बिंदु 73.901 मीटर है। 
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गंगा के जलस्तर में तेजी से बढ़ोत्तरी - फोटो : अमर उजाला
गंगा नदी के जलस्तर में बढ़ाव से ढाब क्षेत्र के सोते में पानी घुस गया है। ढाब वासियों को पुन: कटान का डर सताने लगा है। सोते में पानी घुसने से बभनपुरा के पास बन रहे रिंग रोड के पुल का काम भी प्रभावित हुआ है। वहीं रेतापार, चांदपुर, मुस्तफाबाद, रामचंदीपुर, रामपुर, गोबरहां, मोकलपुर, छितौना आदि गांवों के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सोता में पानी घुसने से मोकलपुर के ग्रामीणों का शहर आवागमन करने का मार्ग बंद हो गया है। ग्रामीण नाव के सहारे आवागमन कर रहे हैं। वहीं गंगा के जलस्तर में बढ़ाव पर गंगा के किनारे कैथी, ढकवां, चंद्रावती, गौरा उपरवार, शिवदशां आदि कई गांवों के किसानों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।
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गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी - फोटो : अमर उजाला
गंगा के उफान को देखते हुए वरुणा नदी के किनारे रहने वाले लोगों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। तटवर्ती क्षेत्रों में नक्खीघाट, सरैयां, अमरपुर मड़िया, शैलपुत्री आदि इलाकों में बाढ़ का पानी घरों में चला जाता है। 
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गंगा में उफान - फोटो : अमर उजाला
जब वरुणा नदी के जल का प्रवाह पूरब की जगह पश्चिम दिशा में होता है तो इस समय खतरा और भी बढ़ जाता है। जिससे वरुणा में गंगा नदी का पानी तेजी से उल्टी धारा ले लेता है, जो वरुणा के तटवर्ती इलाकों के लोगों को पलायन के लिए मजबूर कर देता है। बीते साल भी बाढ़ की समस्या से लोगों को जूझना पड़ा था। 
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