फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Flood in Varanasi: पहली बार एक ही सीजन में दो बार आई बाढ़, दूसरी बार चेतावनी बिंदु के पार हुईं गंगा

Wed, 27 Aug 2025 11:11 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: वाराणसी में पहली बार एक ही सीजन में दो बार बाढ़ ने दस्तक दिया है। जिले में बाढ़ की वजह से 32 परिवार के 133 लोगों ने घर छोड़ दिया है। 
विज्ञापन
1 of 8
Flood in Varanasi - फोटो : अमर उजाला
गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी का सिलसिला लगातार तीसरे दिन जारी रहा। 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में 1.99 मीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बाढ़ के कारण निचले इलाकों में दोपहर से ही पलायन भी शुरू हो गया। नदी विज्ञानियों का कहना है कि यह पहला मौका है जब एक ही सीजन में दूसरी बार बाढ़ आई है। बाढ़ की वजह से 32 परिवार के 133 लोगों ने घर छोड़ दिया है। बाढ़ से दो मोहल्ले और एक तहसील प्रभावित हैं। गंगा के जलस्तर में हर घंटे सात सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ोतरी हो रही है। बुधवार को गंगा चेतावनी बिंदु दूसरी बार पार कर गईं। ऐसे में सुबह 10 बजे गंगा का जलस्तर 70.42 मीटर तक पहुंच गया। जो चेतावनी बिंदु से 16 सेंटीमीटर ऊपर है। 
विज्ञापन

2 of 8
Flood in Varanasi - फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय जल आयोग की ओर से जारी बाढ़ बुलेटिन के अनुसार मंगलवार को सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 68.94 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर में नौ सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी हो रही थी। शाम चार बजे जलस्तर 69.52 मीटर तक पहुंच गया और इसमें छह सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी दर्ज की गई। शाम छह बजे जलस्तर 69.64 मीटर था। वहीं, रात नौ बजे जलस्तर में सात सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी हुई और जलस्तर 69.85 मीटर पहुंच गया। सोमवार की रात नौ बजे जलस्तर 67.86 मीटर पर था। 
विज्ञापन

3 of 8
Flood in Varanasi - फोटो : अमर उजाला
कानपुर के गंगा बैराज से सोमवार की सुबह 3.77 लाख क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया है। इसका असर 48 घंटे के अंदर बनारस में नजर आएगा। गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण अस्सी घाट स्थित सुबह-ए-बनारस का मंच एक बार फिर से डूब गया और मणिकर्णिका घाट की गलियों में बाढ़ का पानी घुस गया। दशाश्वमेध घाट की जल पुलिस चौकी भी पानी में डूब चुकी है और शीतला मंदिर के गर्भगृह में फिर से पानी भर गया। 

इसे भी पढ़ें; Chandra Grahan 2025: चंद्रग्रहण पर ढाई घंटे पहले बंद हो जाएंगे विश्वनाथ मंदिर के कपाट, आरती का समय भी बदला

4 of 8
Flood in Varanasi - फोटो : अमर उजाला
अस्सी से राजघाट के बीच तीन हजार से अधिक मंदिर पानी में डूब गए हैं। नदी विज्ञानी प्रो. बीडी त्रिपाठी का कहना है कि यह पहला मौका है जब एक ही सीजन में बनारस में दो बार बाढ़ देखने को मिल रही है। गंगा के बढ़ते जल स्तर से लोगों की चिंता बढ़ी: गंगा का जल स्तर एक बार फिर बढ़ाने के बाद गंगा के किनारे और तटवर्ती इलाके में रहने वाले लोगों की चिंता फिर से बढ़ गई है। 
विज्ञापन

5 of 8
Flood in Varanasi - फोटो : अमर उजाला
नगवां के संगमपुरी कॉलोनी, गंगोत्री विहार, हरिजन बस्ती और सोनकर बस्ती में रहने वाले लोगों के साथ ही महेश नगर और केदार नगर में भी रहने वाले लोग चिंतित हैं। लोगों का कहना है कि भादो में गंगा बढ़ती हैं तो बाढ़ जरूर आती है। ज्ञान प्रवाह नाला पर स्लीपर गेट को बंद कर दिया गया है। कॉलोनी की तरफ से आने वाले पानी को निकालने के लिए समरसेबल पंप फिर से चलने लगे हैं। रमना टिकरी इलाके में किसानों की भी चिंता बढ़ गई है। 
विज्ञापन

6 of 8
नमो घाट - फोटो : अमर उजाला
अलर्ट रहें सभी विभाग
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने मंगलवार को बाढ़ राहत शिविर प्राथमिक विद्यालय, सरैया और सलारपुर का निरीक्षण किया। यहां मौके पर मौजूद क्षेत्रीय पार्षद, नायब तहसीलदार से बाढ़ के हालात की जानकारी ली। गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए संबंधित विभाग को अलर्ट मोड में रहने के साथ अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बाढ़ राहत शिविर सरैयां में बताया गया कि शाम तक निचले इलाके के कुछ लोगों के आने की संभावना है।
विज्ञापन

7 of 8
Flood in Varanasi - फोटो : अमर उजाला
गंगा नदी का जलस्तर लगातार तेजी से बढ़ रहा है। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभाग के अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। बाढ़ राहत शिविर सलारपुर के निरीक्षण में उन्होंने आसपास के प्रभावित होने वाले क्षेत्रों के बारे में जानकारी ली। बच्चों के कक्षा में पठन-पाठन के कार्यों का अवलोकन किया।
विज्ञापन

8 of 8
Flood in Varanasi - फोटो : अमर उजाला
जिलाधिकारी ने सलारपुर वार्ड के निचले इलाके में जाकर बाढ़ की स्थिति देखी। उन्होंने मौके पर मौजूद नगर निगम के अधिकारियों को राहत शिविर के परिसर और शौचालय की समुचित सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। जलभराव वाले क्षेत्रों में एंटीलार्वा का छिड़काव और लगातार फॉगिंग कराने के निर्देश दिए।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें