वाराणसी यानी काशी, बाबा विश्वनाथ की नगरी के राजा के रूप में दो ही राजा बोले जाते हैं, पहले काशी नरेश और दूसरे डोम राजा। मंगलवार देर शाम पंचतत्व में विलीन हुए डोम राजा जगदीश चौधरी ने राजनीतिक दलों को लेकर साल 2019 में बेहद गंभीर टिप्पणी की थी।
उन्होंने कहा था कि नेता वोट मांगने आते हैं लेकिन बाद में कोई सुधि नहीं लेता। वाराणसी में डोम बिरादरी का इतिहास काफी पुराना है, लेकिन राजनेताओं की उपेक्षा का शिकार होने की वजह से हम आज भी अपनी पहचान को तरस रहे हैं।