आज हम आपको आपके बलिया शहर का तब का दर्शन कराने वाले हैं जब लॉकडाउन से पहले इसकी गलियां तक जीवंत हुआ करती थीं। चौक में व्यापारियों की सामानों का रेट या उनकी खूबियों के साथ आने वाली आवाजें अब फिर धीरे-धीरे सुनाई देने लगी हैं, लेकिन वाहनों का शोर अभी गायब है। रेलवे स्टेशन पर गूंजने वाली माइक की आवाज अब नहीं सुनाई दे रही तो वाहन स्टैंड जिसमें घुसने को जगह नहीं मिलती थी, अब खाली रह रहा है।
चंद्रशेखर उद्यान में उद्घाटन से पहले ही युवा जुटने लगे थे, लेकिन अब सन्नाटा है। चौक स्टेशन रोड पर पहले जाने से पहले सोचना पड़ता था, बाजार खुलने के बाद अब वाहनों की स्पीड स्लो जरूर हो रही है, लेकिन फिर भी पहले जैसी बात नहीं रही। बाबा बालेश्वरनाथ महादेव के दर्शन अब भी लोगों को नहीं हो रहे, कारण कि जिला प्रशासन ने खोलने की अनुमति के साथ जो बंदिशें बताई थी, मंदिर प्रशासन ने उन्हें पूरा करने में असमर्थता जताते हुए मंदिर को बंद ही रखने का निर्णय लिया है।