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लॉकडाउन 1.0 में रुकी जिंदगी अनलॉक 3.0 में पकड़ रही रफ्तार, देखें बलिया जिले के प्रमुख स्थलों का नजारा

Mon, 24 Aug 2020 08:41 PM IST
विचित्र सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बलिया

सार

  • शहर में जहां पहले वाहनों और व्यापारियों का रहता था शोर, अब फिर सुनाई दे रही व्यापारियों की आवाज
  • पार्क का गेट खुलने से पहले ही जहां जुटने लगे थे शहर के युवा, वहां अब पसरा रह रहा है पूरी तरह सन्नाटा
  • अब भी नहीं हो पा रहा भक्तों को बाबा बालेश्वरनाथ महादेव का दर्शन, बंदिशों के साथ नहीं खोला गया मंदिर
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बलिया जिले के प्रमुख स्थलों का हाल। - फोटो : अमर उजाला।
आज हम आपको आपके बलिया शहर का तब का दर्शन कराने वाले हैं जब लॉकडाउन से पहले इसकी गलियां तक जीवंत हुआ करती थीं। चौक में व्यापारियों की सामानों का रेट या उनकी खूबियों के साथ आने वाली आवाजें अब फिर धीरे-धीरे सुनाई देने लगी हैं, लेकिन वाहनों का शोर अभी गायब है। रेलवे स्टेशन पर गूंजने वाली माइक की आवाज अब नहीं सुनाई दे रही तो वाहन स्टैंड जिसमें घुसने को जगह नहीं मिलती थी, अब खाली रह रहा है। 

चंद्रशेखर उद्यान में उद्घाटन से पहले ही युवा जुटने लगे थे, लेकिन अब सन्नाटा है। चौक स्टेशन रोड पर पहले जाने से पहले सोचना पड़ता था, बाजार खुलने के बाद अब वाहनों की स्पीड स्लो जरूर हो रही है, लेकिन फिर भी पहले जैसी बात नहीं रही। बाबा बालेश्वरनाथ महादेव के दर्शन अब भी लोगों को नहीं हो रहे, कारण कि जिला प्रशासन ने खोलने की अनुमति के साथ जो बंदिशें बताई थी, मंदिर प्रशासन ने उन्हें पूरा करने में असमर्थता जताते हुए मंदिर को बंद ही रखने का निर्णय लिया है।
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लॉकडाउन से पहले बलिया रेलेवे स्टेशन परिसर में खड़ी गाड़ियां। - फोटो : अमर उजाला।
बलिया रेलवे स्टेशन
स्टेशन परिसर में प्रवेश के लिए दो गेट बने हुए हैं। मार्च तक यहां सुबह से शाम तक दोनों गेट पर जाम की स्थिति रहती थी। कैंपस में वाहनों का बाजार लगा रहता था, दोपहिया से लेकर चारपहिया वाहन 24 घंटे कैंपस में खड़े नजर आते थे। लोगों की भीड़ लगातार बनी रहती थी।
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अनलाक 3.0 के दौरान रेलवे स्टेशन का बंद किया गया एक नंबर का प्रवेश द्वार। - फोटो : अमर उजाला।
अब स्थित ये है कि एक नंबर गेट पर बैरिकेडिंग है और एक ही गेट से एंट्री और एक्जिट दोनों कराया जा रहा है। बिना टिकट कैंपस में एंट्री पूरी तरह से बंद होने से लगातार सन्नाटा पसरा रह रहा है। थोड़ी बहुत चहल पहल सिर्फ तब नजर आती है जब कोई ट्रेन स्टेशन पर आती है। इस समय यहां से सिर्फ चार ट्रेनों का अप एवं डाउन में आवागमन हो रहा है।

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लॉकडाउन से पहले स्टेशन परिसर स्थित स्टैंड पर लगी बाइकों की कतार। - फोटो : अमर उजाला।
रेलवे स्टेशन वाहन स्टैंड
जिले के देहात इलाकों से जिला मुख्यालय खरीदारी करने के लिए आने वाले और विभिन्न सेक्टरों के शहर में बने ऑफिस में कार्य करने वाले अधिकतर लोगों के वाहन दिनभर स्टेशन के स्टैंड में ही खड़े होते थे। कारण कि शहर में अन्य कोई स्टैंड नहीं है।
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अनलॉक 3.0 के दौरान रेलवे स्टेशन परिसर स्थित वाहन स्टैंड में खड़ी बाइकें। - फोटो : अमर उजाला।
यहां मार्च तक हालात ये रहते थे कि वाहन अंदर ले जाने में ही काफी मशक्कत करनी पड़ती थी, इस समय यहां वाहनों का टोटा नजर आ रहा है। हालांकि अनलॉक-3 में कुछ वाहन रेगुलर आने शुरू हुए हैं, लेकिन अभी पहले जैसी स्थिति आने में समय लगेगा।
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लॉकडाउन से पहले नगर के बस स्टेशन पर लगी बसें तथा उसमें सवार होने के लिए धक्का-मुक्की करते लोग। - फोटो : अमर उजाला।
रोडवेज बस स्टैंड
रोडवेज का बस अड्डा मार्च तक सुबह छह बजे से लेकर रात के नौ बजे अंतिम बस जाने तक पूरी तरह से गुलजार रहता था। यहां दिनभर बसों का रेला लगा रहता था और इसके बाद भी यात्रियों की संख्या में कोई कमी नहीं आती थी, लेकिन इस समय सरकारी बसों के चलने के बावजूद अभी पहले जैसी स्थिति नहीं आ पाई है।
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अनलॉक 3.0 के बाद रोडवेज बस स्टेशन पर खड़े यात्री तथा खड़ी बसे। - फोटो : अमर उजाला।
हां एक अंतर जरूर आया है कि पहले यहां से वाराणसी के लिए बसें नहीं खुलती थीं, लेकिन इस समय वहां के लिए कई बसें चल रही हैं, जिससे लोगों को काफी सहूलियत हो रही है, क्योंकि वाराणसी तक जाने वाली कई ट्रेनें इस समय बंद हैं।

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अनलॉक 3.0 के बाद चंद्रशेखर उद्यान के बाहर खड़ी बाइक तथा मौजूद लोग। - फोटो : अमर उजाला।
चंद्रशेखर उद्यान
इस पार्क का निर्माण कार्य तो काफी पहले ही पूरा हो गया, लेकिन उद्घाटन इसलिए नहीं हो सका कि इसमें पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की आदमकद प्रतिमा लगाई जानी थी। निर्णय लिया गया था कि चंद्रशेखर की जयंती पर ही इसमें प्रतिमा का अनावरण और उद्यान का लोकार्पण दोनों एक साथ किया जाएगा। लेकिन युवा कहां मानने वाले थे, गेट बंद होने के बावजूद भी वे उद्यान में जुटने लगे थे, हालांकि इस समय यहां सन्नाटा पसरा हुआ है।

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अनलाक 3.0 के बाद स्टेशन चौक रोड पर लगी दुकाने तथा आवागमन करते लोग। - फोटो : अमर उजाला।
चौक स्टेशन रोड
चौक स्टेशन रोड का नाम सुनते ही मार्च से पहले तक वाहन चालकों के पसीने छूटने लगते थे। कारण इस सड़क पर जाने का मतलब था कम से कम एक घंटे तक आप बाहर नहीं निकल पाएंगे। अनलॉक-3 में दुकानें खुलने लगी हैं, लेकिन अभी भीड़ पहले जैसी नहीं हो रही है। इस समय इस रोड से आप अपने वाहन से आसानी से आ और जा सकते हैं।

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अनलॉक 3.0 में दौरान बंद पड़ा चौक शहीद पार्क । - फोटो : अमर उजाला।
चौक शहीद पार्क
शहीद पार्क चौक की पहचान बलिया के लिए विशेष है। इसमें शहीदों के नाम के साथ महात्मा गांधी की मूर्ति स्थापित है। पहले बाजार में आने वाले लोग थकने पर इसमें आराम फरमाने पहुंच जाते थे। पार्क की दीवार के बाहर दुकानें लगी रहती थीं और दुकानदार सामानों के रेट और उनकी खूबियों को लेकर आवाज लगाते रहते थे। इस समय हाल ये है कि यहां थोड़ी भीड़ तो नजर आने लगी है, लेकिन पहले जैसी स्थिति अब भी नहीं नजर आ रही है। हालांकि दिन लगातार सुधर रहे हैं।

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लॉकडाउन से पहले बाबा बालेश्वर मंदिर में पूजन-अर्चन करते श्रद्धालु। - फोटो : अमर उजाला।
बाबा बालेश्वरनाथ महादेव
अनलॉक-3 में मंदिरों को खोलने का आदेश जारी हो गया है, लेकिन यहां प्रशासन के साथ हुई बैठक में खोलने के बाद पालन किए जाने वाले गाइड-लाइन को लेकर बाबा बालेश्वरनाथ महादेव मंदिर और प्रशासन के बीच सामंजस्य नहीं बन पाया। जिला प्रशासन ने जो निर्देश जारी किए थे।
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अनलॉक 3.0 के दौरान बाबा बालेश्वर मंदिर का बंद पड़ा मुख्य गेट। - फोटो : अमर उजाला।
मंदिर प्रशासन ने उन निर्देशों के साथ मंदिर खोलने से इंकार कर दिया और अब भी भक्तों को उनके दर्शन नहीं हो पा रहे हैं। जबकि पहले सोमवार को बाबा बालेश्वर के दर्शन के लिए लोगों को लाइन लगानी पड़ती थी। इस समय गेट के बाहर से भक्त लौटने को मजबूर हो रहे हैं।
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