कोरोना महामारी से बचाव के लिए जब लॉकडाउन 1.0 ने जिंदगी की गाड़ी पर ब्रेक लगाया, तो उम्मीद थी कि माना कि घना अंधेरा हो गया है, पर जल्दी ही सुबह होगी। पर लॉकडाउन 1 के बाद 2 फिर 3 भी बीतने को है और चौथे चरण का भी एलान हो गया है। इस घोषणा के साथ ही प्रवासियों को जिंदगी की गाड़ी चलने की उम्मीद थी, वो आस अब आंखों से ओझल सी हो गई है। अब तो बस एक ही सपना है जिसे हकीकत बनाने के लिए महराष्ट्र, गुजरात दिल्ली सहित देश के अन्य राज्यों में बसे पूर्वांचल के जिलों के लोग चल दिए अपने पुरखों के वतन की ओर।