वाराणसी में अगले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों लोकार्पित होने वाली परियोजनाओं की प्रगति की हकीकत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को देखी। रात 11:00 बजे से 1:45 बजे तक मुख्यमंत्री ने संदहा से रामनगर तक विकास कार्यों के निरीक्षण के लिए तकरीबन 50 किमी की दूरी तय की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में काम पूरा करने की हिदायत कार्यदायी एजेंसियों और अधिकारियों को दी।
विज्ञापन
रामनगर के मल्टी मॉडल टर्मिनल का किया निरीक्षण
2 of 7
बाबतपुर फोरलेन, रिंग रोड और रामनगर के मल्टी मॉडल टर्मिनल का निरीक्षण किया। इसके अलावा रवींद्रपुरी में सड़क, मैदागिन में शाही नाला और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में विश्वनाथ कॉरिडोर का भी निरीक्षण करेंगे।
विज्ञापन
रात 11 बजे निकले सर्किट हाउस से
3 of 7
रात 11:00 बजे सर्किट हाउस से निकले मुख्यमंत्री शिवपुर, हरहुआ, संदहा से पुन: सर्किट हाउस के रास्ते चौकाघाट, लहुराबीर, मैदागिन, बांसफाटक, गोदौलिया, सोनारपुरा, रवींद्रपुरी, लंका, विश्व सुंदरी पुल से रामनगर पहुंचे। पुन: इसी रूट से वापस सर्किट हाउस पहुंचे।
रिंग रोड की देखी स्थिति
4 of 7
इससे पहले रात 11:20 बाबतपुर मार्ग के फोरलेन फ्लाईओवर से मुख्यमंत्री का काफिला गुजरा। इस दौरान उन्होंने जगह-जगह लाइटिंग के साथ-साथ काम को दिया जा रहे फिनिशिंग टच को देखा। फ्लाईओवर के ऊपर वह कई जगह पर धूल के गुबार से होकर गुजरे। रात 11:40 बजे रिंग रोड का निरीक्षण हरहुआ से संदहा तक किया। 16 किलोमीटर मार्ग पर कुछ जगहों की लाइटें बंद देखकर उन्होंने पूछा तो पता चला कनेक्शन का काम चल रहा है।
विज्ञापन
प्रेजेंटेशन के माध्यम से जानी कार्यों की प्रगति
5 of 7
रात 12:40 रामनगर मल्टी मॉडल टर्मिनल पहुंचे। वहां बाहर से आए क्रेन से चल रहे काम को देखा। रेल, सड़क और जल मार्ग से होने वाली कनेक्टिविटी को देखा। अधिकारियों ने प्रजेेंटेशन के माध्यम से वहां चल रहे कार्य दिखाए।
विज्ञापन
सीएम के आने से पहले बंद किया गया वींद्रपुरी-सोनारपुरा मार्ग
6 of 7
मुख्यमंत्री के आगमन से कुछ देर पहले रवींद्रपुरी-सोनारपुरा मार्ग बंद कर दिया गया। हरिश्चंद्र घाट जाने के लिए पहुंचे शव वाहन को भी रवींद्रपुरी में रोक दिया गया था।
अधिकारियों ने बहुत प्रयास किया कि विकास कार्यों का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री को ऐसे रूट से ले जाएं, जहां कम गड्ढे हों और जहां पैचवर्क करा दिया गया हो। बावजूद इसके संदहा से रामनगर तक मुख्यमंत्री को हिचकोले खाने पड़े।