Chhath Puja फाइल फोटो
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वहीं 21 नवंबर को प्रात:काल उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर पारण किया जाएगा। चार दिवसीय महापर्व पर सूर्यदेव के साथ माता षष्ठी देवी की भी पूजा-अर्चना का विधान है। ज्योतिषाचार्य पं. गणेश मिश्र ने बताया कि छठ पूजा की शुरुआत रवियोग से हो रही है। नहाय खाय रवियोग में हो रहा है। इसके साथ ही भगवान सूर्य को अर्घ्य द्विपुष्कर योग में दिया जाएगा। इस योग में पूजा करने से परिवार में सुख, शांति, धन-समृद्धि बनी रहती है।