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मेरठ: कार में बैठे रहे सीए, ट्रैफिक पुलिस क्रेन से गाड़ी उठाकर ले गई, शोर मचाने पर भी किसी ने एक न सुनी

Wed, 18 Nov 2020 10:58 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
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पीड़ित ने बनाया वीडियो - फोटो : अमर उजाला
मेरठ ट्रैफिक पुलिस ने बुधवार शाम को तमाम नियमों को ताक पर रख दिया। बसपा नेता व चार्टर्ड अकाउंटेंट उस वक्त अपनी कार में ही बैठे थे जब ट्रैफिक पुलिस क्रेन से कार को उठाकर ले गई। पीड़ित व्यक्ति बच्चा पार्क से लेकर पुलिस लाइन में ट्रैफिक कार्यालय तक शोर मचाते रहे, लेकिन सिपाहियों ने क्रेन को नहीं रोका। पूरे मामले में ट्रैफिक अफसरों ने दोनों सिपाहियों के खिलाफ जांच बैठा दी है। एसपी ट्रैफिक जितेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि पूरे प्रकरण को संज्ञान में ले लिया गया है। जांच शरू कर दी गई है। जांच में सिपाही दोषी पाए गए तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

 
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मेरठ ट्रैफिक पुलिस - फोटो : अमर उजाला
चाणक्यपुरी निवासी विक्रांत त्यागी बसपा नेता और चार्टड अकाउंटेंट हैं। वह रेलवे, गेल, बीएसएनएल समेत कई कंपनियों में कॉन्ट्रैक्टर भी हैं। बुधवार शाम वह बीमार पत्नी नेहा त्यागी के ऑपरेशन के लिए कचहरी पुल स्थित डॉ. कानन त्यागी के पास आए थे। डॉक्टर की सलाह पर उन्हें कुछ जांच कराने के लिए बच्चा पार्क स्थित लैब भेज दिए गए। 

 
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कार को उठाकर ले जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
पीड़ित ने कार छीपी टैंक के पास लगा दी। कार में बैठकर अपने घर में कॉल करने लगे। इतने में ट्रैफिक पुलिस की क्रेन आई और नो पार्किंग में खड़ी कार को क्रेन से उठा ले गई। विक्रांत ने शोर भी मचाया, लेकिन किसी ने एक नहीं सुनी। इस बीच विक्रांत ने मोबाइल से पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर भेज दिया। 

 

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कार को उठाकर ले जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
पुलिस लाइन आकर उन्होंने पूरे मामले में आपत्ति जताई। हंगामा होता देखकर मौके पर ट्रैफिक इंस्पेक्टर आ गए। टीआई ने मामला शांत किया और बिना चालान करने की बात कहते हुए पीड़ित को घर भेज दिया। शाम को सोशल मीडिया में जब यह वीडियो वायरल हुआ तो ट्रैफिक पुलिस की हकीकत सामने आ गई।

 
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कार को उठाकर ले जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
पुलिसकर्मियों ने चालान के पैसे नहीं लिए
पीड़ित व्यक्ति ने बताया कि पुलिस लाइन में एक ट्रैफिक इंस्पेक्टर थे, जिन्होंने अपनी वर्दी से नेम प्लेट हटा ली थी, जबकि एक दरोगा जो अपने को कार्यालय प्रभारी बता रहे थे, और कह रहे थे कि इस वीडियो को किसी को भेजना मत। 

 
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क्रेन से लाया गया कार - फोटो : अमर उजाला
जो भी चालान का जुर्माना है उसे हम भुगत लेंगे और तुम्हें कोई पैसा नहीं देना पड़ेगा। पीड़ित ने बताया कि क्रेन पर दो सिपाही मनीष कुमार और विकास मलिक थे। जबकि एक होमगार्ड क्रेन के पीछे था। उन्होंने कई बार शोर मचाकर कोशिश की, लेकिन किसी ने भी क्रेन नहीं रोकी। 
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