फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Atul Subhash Suicide: निकिता के चाचा का बड़ा दावा... अतुल के आरोपों पर कही ये बात; हमारी कोई गलती नहीं है

Thu, 12 Dec 2024 12:22 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर

सार

Techie Suicide: निकिता के चाचा सुशील सिंघानिया ने अतुल सुभाष के आरोपों को झूठा बताया। उन्होंने बड़ा दावा किया है। साथ ही कहा कि इसमें हमारी कोई गलती नहीं है। केस चल रहा है... 
विज्ञापन
1 of 7
Atul Subhash Suicide - फोटो : अमर उजाला
Atul Subhash Case: पत्नी की प्रताड़ना और अदालत से दो साल में न्याय न मिलने से निराश अतुल सुभाष के खुदकुशी करने के बाद परिवार ने उसे परेशान करने वाली पत्नी व उसके परिवार को सख्त सजा की मांग की है। बंगलूरू से पुलिस की एक टीम जौनपुर निकिता के घर भी पहुंची।

अतुल के भाई विकास की शिकायत पर मृतक की पत्नी निकिता सिंघानिया, सास निशा सिंघानिया, साले अनुराग और चचिया ससुर सुशील सिंघानिया के खिलाफ कर्नाटक पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने समेत कई धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है।
 
विज्ञापन

2 of 7
परिवार के साथ अतुल सुभाष(फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
अतुल के भाई विकास ने कहा कि मैं चाहता हूं मेरे भाई को न्याय मिले। इस देश में एक ऐसी कानूनी प्रक्रिया हो जिसके जरिये पुरुषों को भी न्याय मिल सके। मैं उन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई चाहता हूं जो कानूनी कुर्सी पर बैठे हैं और भ्रष्टाचार कर रहे हैं।

क्योंकि अगर ऐसा ही चलता रहा तो लोग न्याय की उम्मीद कैसे कर पाएंगे। व्यवस्था में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए विकास ने कहा, न्याय की उम्मीद तभी की जा सकती है जब यह भ्रष्टाचार मुक्त हो, जब हर पक्ष की बात समान रूप से सुनी जाए और तथ्यों के आधार पर दलीलें दी जाएं। 
विज्ञापन

3 of 7
अतुल सुभाष की ससुराल में पुलिस - फोटो : अमर उजाला
इस बीच, मामले की जांच कर रही पुलिस टीम उत्तर प्रदेश पहुंच गई है। जांच के तहत टीम मृतक की पत्नी और उसके परिवार के सदस्यों से पूछताछ करेगी। बंगलूरू के वहाइटफील्ड के डीसीपी शिवकुमार ने कहा, मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है।

4 of 7
अतुल सुभाष की ससुराल - फोटो : अमर उजाला
सुप्रीम कोर्ट भी धारा 498 ए के दुरुपयोग पर जता चुका है चिंता
सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी आईपीसी की धारा 498 ए के दुरुपयोग की बढ़ती प्रवृत्ति के बारे में चिंता जताई है। यह धारा विवाहित महिलाओं के खिलाफ पतियों और उनके रिश्तेदारों की क्रूरता से संबंधित है। ऐसे ही एक मामले में जस्टिस बीवी नागरत्ना व जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने पति और उसके माता-पिता के खिलाफ आईपीसी की धारा 498 ए के तहत दर्ज मामले को खारिज कर दिया था। पीठ ने कहा था कि इस प्रावधान का कभी-कभी पति और उसके परिवार के खिलाफ व्यक्तिगत प्रतिशोध के लिए एक उपकरण के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
विज्ञापन

5 of 7
अतुल सुभाष की ससुराल - फोटो : अमर उजाला
वकीलों ने धारा 498-ए के दुरुपयोग पर उठाए सवाल
वकीलों ने अतुल के मामले पर एक बार फिर धारा 498 ए के दुरुपयोग पर सवाल उठाते हुए इस मामले को गंभीरता से लेने की मांग की। वकील विकास पाहवा ने कहा, मुझे लगता है कि यह बहुत गंभीर मामला है। पिछले तीन दशकों की वकालत में मैने देखा है कि कैसे 498 ए का दुरुपयोग हमारे अपने लोगों कानूनी बिरादरी, पुलिस तंत्र और असंतुष्ट महिलाओं की ओर से किया जाता है। इस घटना ने विवाद को नया जन्म दिया है और इस मुद्दे को देश के लोगों के सामने लाया है। इसे बहुत गंभीरता से लिया जाना चाहिए क्योंकि 498 ए के दुरुपयोग पर अंकुश लगाया जाना चाहिए क्योंकि यह हमारे समाज के सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित करता है।
विज्ञापन

6 of 7
अतुल का साला और सास - फोटो : अमर उजाला
निकिता के चाचा का दावा: अतुल के आरोप झूठे, उनको गलत फंसाया जा रहा
निकिता के चाचा सुशील सिंघानिया ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि न तो वह और न ही उनके परिवार का कोई सदस्य घटनास्थल पर मौजूद था। उन्होंने कहा, मुझे पता चला कि मेरा भी नाम एफआईआर में है। मैं निर्दोष हूं। मैं वहां था ही नहीं। हमें मीडिया के जरिये उसकी आत्महत्या के बारे में पता चला। हमारे परिवार का कोई भी सदस्य घटनास्थल पर मौजूद नहीं था। 
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
अतुल सुभाष का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
पिछले तीन साल से कोर्ट में केस चल रहा है और इस दौरान हमारा उससे या उसके परिवार से कोई संवाद नहीं हुआ। इसमें हमारी कोई गलती नहीं है। केस चल रहा है... कोर्ट फैसला करेगा और फैसला सुनाएगा। उन्होंने आगे कहा कि सुभाष द्वारा लगाए गए आरोप झूठे हैं। 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें