वाराणसी के आईआईटी बीएचयू के पहले दीक्षांत समारोह का वो दिन आज भी लोगों को याद आता है, जब देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम ने समारोह में मंच पर पहुंचने के बाद वहां लगी बड़ी कुर्सी को लौटा दिया था। कुछ देर तक तो लोग समझ नहीं पाए थे कि डॉ कलाम ने ऐसा क्यों किया लेकिन बाद में डॉक्टर कलाम ने सामने बैठे लोगों की ओर इशारा करते हुए तत्कालीन निदेशक से बातचीत की और इसके बाद एक सामान्य कुर्सी मंच पर मंगाई गई, तब बैठे।