कार्तिक पूर्णिमा पर तीनों लोकों से न्यारी काशी में देवलोक सा नजारा रहा। स्वर्ग जैसे गंगा का अर्धचंद्राकार किनारा दीपों की सजावट से जगमगा उठा। विश्वविख्यात देव दीपावली पर सुरसरि से लेकर शहर भर में सजी दीपमालाओं से पूर्णिमा का चांद भी शरमाने लगा। राजघाट से अस्सी तक अद्भुत, अलौकिक और दिव्य दीपावली की झलक पाने को देश ही नहीं दुनिया भर के लोग उमड़े। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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anil kapoor
- फोटो : amar ujala
राज्यपाल राम नाईक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रेल मंत्री पीयूष गोयल, प्रदेश की पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी, सिने अभिनेता अनिल कपूर, सूफी गायक हर्षदीप कौर सहित कई नामचीन हस्तियां इस ऐतिहासिक आयोजन की साक्षी बनीं। गंगा सेवा निधि द्वारा राजेंद्र प्रसाद घाट पर आयोजित भव्य देव दीपावली समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे बॉलीवुड के अभिनेता अनिल कपूर सभी के खुश और सुखी रहने की गंगा मां से प्रार्थना की।
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अनिल कपूर शुक्रवार को देव दिवाली मनाने बनारस पहुंचे। यहां उन्होंने गंगा आरती में हिस्सा लिया। वे लोगों का अभिवादन करते नजर आ रहे हैं। अनिल कपूर ने कहा कि मेरी भगवान से कामना है कि ऐसे ही हर वर्ष इस आयोजन की भव्यता बढे और लोग इसमें अधिक से अधिक संख्या में शामिल हों। हर हर महादेव के महाघोष के साथ माइक संभालने के बाद अनिल कपूर ने काशीवासियों को देव दीपावली की अपने ही अंदाज में बधाई दी। इस देव दीपावली पर मां गंगा से मेरी यही प्रार्थना है कि आप सब को खुश और सुखी रखे।
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परंपराओं को जीवंत रखेन वाली उत्सवधर्मी काशी में शुक्रवार को दोपहर बाद ही दीपोत्सव के लिए लाखों की भीड़ गंगा तट की ओर चल पड़ी। शाम होने से पहले ही घाटों की सीढ़ियां आस्थावानों से खचाखच भर गईं। पूरे उत्साह के साथ महिलाएं, बच्चे और युवा घाटों पर दीप सजाने के लिए उतरे। सुरसरि के घाटों पर कहीं स्वास्तिक तो कहीं ऊं नम: शिवाय तो कहीं काशी आओ प्रवासी के स्लोगन दीपों की अल्पनाओं में प्रज्ज्वलित हुए।
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गंगा की लहरों पर फूलों से सजे नाव, बजड़े, ध्वज पताका घाटों के सौंदर्य में चारचांद लगा रहे थे। खास बात यह रही कि गंगा के दूसरे किनारे को भी दीप मालाओं जगमग कर दिया। देश के अलग-अलग शहरों से जुड़ी परंपराओं से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ ही काशी के नृत्य और संगीत की झलक भी घाटों पर बखूबी दिखी।
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शाम से ही गंगा घाटों पर दीपों का चंद्रहार दिख रहा है। कहीं सुरों की खनक तो कहीं पटाखों की धमक सनाई दे रही है। घाट से लेकर गंगा की लहरों तक फूलों की महक के साथ इंद्रधनुषी अलौकिक छठा देखने को मिल रही है। काशी में सिर्फ घाट ही नहीं बल्कि मकानों, दुकानों और सड़कों पर भी लोग दीप जलाकर देवी देवताओं का स्वागत कर रहे हैं। शाम के साथ साथ ही यहां का नजारा अलौकिक होने लगा है। देव दीपावली को भव्य और ऐतिहासिक बनाने के लिए इस बार घाटों पर विशेष आयोजन किए जा रहे हैं।
राजघाट से अस्सी के बीच दीपों की जगमगाहट के साथ ही काशी की धर्म, कला और संस्कृति भी झलक भी देखने को मिल रही है। इसके लिए संस्कृति विभाग और पर्यटन विभाग ने खास तैयारियां की हैं। 16 घाटों पर संस्कृति विभाग की ओर से एकल और समूह नृत्य का आयोजन किया जा रहा है। इस बार सबसे खास बात यह है प्रशासन गंगा के दूसरी तरफ भी दीप दीपावली का आयोजन कर रहा है। प्रदेश के अलग अलग शहरों से जुड़ी पंरपंराओं से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ ही काशी के नृत्य और संगीत की झलक दिखाई दे रही है।