प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस प्रशासन की लापरवाही फिर सामने आई। वाराणसी में प्रधानमंत्री का काफिला जंगमबाड़ी मठ से निकलकर बीएचयू हैलीपेड के लिए जा रहा था। इस दौरान रविदास गेट से आगे शिवम कॉम्प्लेक्स के सामने हाथ में काला झंडा लेकर खड़ा युवक पीएम का काफिला समीप आने पर हाथ में जैकेट लेकर छलांग लगा दिया। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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भाजपा के पदाधिकारियों से बात करते पुलिस कप्तान।
- फोटो : अमर उजाला
इस दौरान फ्लीट में लगे कमांडो ने आरोपी को काले झंडे के साथ पकड़ कर वहां मौजूद पुलिस कर्मियों को सौंप दिया। पीएम के फ्लीट के सामने सपा कार्यकर्ता के कूदने की जानकारी मिलने के बाद भारी संख्या में बीजेपी के कार्यकर्ता पहुंच कर विरोध करने लगे। सूचना पर एसएसपी प्रभाकर चौधरी और एसपी क्राइम लंका थाने पहुंचकर आरोपी से पूछताछ की।
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- फोटो : अमर उजाला
एसएसपी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी ने पुलिसकर्मियों से नराजगी जताई। युवक के हाथ और चेहरे पर चोट आई है। प्रधानमंत्री के काफिले के सामने जिस जगह पर युवक बैरिकेडिंग से कूदकर सामने आया। इस स्थान पर भारी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात थे। उनको भनक तक नहीं लगी।
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प्लीट।
- फोटो : अमर उजाला
एलआईयू के स्थानीय इंस्पेक्टर ने जिला प्रशासन और लंका पुलिस को आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने की रिपोर्ट दी थी। प्रधानमंत्री के काफिले के सामने काला जैकेट लेकर कूदने वाला आरोपी पूर्व जिलाध्यक्ष सतीश फौजी का बेटा अजय यादव है। इसके पहले वर्ष नवंबर 2017 में प्रधानमंत्री के हाथ से लोकार्पण होने के पहले सामनेघाट पुल का फीता काट दिया था।
इस पुल का उद्घाटन 23 सितंबर 2017 को पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाना था। अजय का कहना था कि पुल का काम अखिलेश यादव की सरकार ने कराया और अब योगी आदित्यनाथ की सरकार इसका उद्घाटन करे यह स्वीकार नहीं है। इससे पहले अजय के पिता सतीश फौजी के खिलाफ एनएसए सहित कई धाराओं में मुकदमा बसपा सरकार में दर्ज किया गया था।