42 हफ्ते के कठिन प्रशिक्षण के बाद 84 रंगरूटों ने शनिवार को 39 जीटीसी परेड ग्राउंड में देश की रक्षा के लिए जान न्यौछावर करने की शपथ ली। इस दौरान गोरखा जवानों को नेपाली संस्कृति के अनुसार खुकरी भेंट की गई। सभी रंगरूटों ने शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि दी। आगे की स्लाइड्स में देखें....
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- फोटो : अमर उजाला
परेड की सलामी लेने के बाद मुख्य अतिथि 39 जीटीसी के कमांडेंट ब्रिगेडियर हुकुम सिंह बैंसला ने कहा कि सभी जवान सदैव अनुशासन, शारीरिक क्षमता और लक्ष्य का हमेशा ध्यान रखते हुए शिक्षा के क्षेत्र में प्रगति करते रहें। सैन्य प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न क्षेत्र में सराहनीय कार्य के लिए रंगरूटों को पुरस्कार दिया गया।
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इसके तहत बेस्ट इन टैक्टिस दवा शेरपा, बेस्ट इन बीपीईटी महावीर सुव्वा, बेस्ट इन फायरिंग सरदोक राई, बेस्ट इन ड्रिल निखिल छेत्री, बेस्ट इन बेनेट फाइटिंग दिपेश गुरुंग, बेस्ट इन सीओसीले कपाड़िया ट्रॉफी अर्जुन जंग मल्ला, सेकेंड आल राउंट बेस्ट का जनरल एनके लाहिरी मेडल सैमुएल लिंबू और आल राउंड बेस्ट गौरव तलवार का पुरस्कार सरदोक राई को दिया गया।
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इस दौरान अपने सपूतों को देश सेवा में समर्पित करने के लिए नेपाल और भारत के 84 अभिभावकों को गौरव पदक देकर सम्मानित किया गया।
इस एतिहासिक घड़ी का गवाह बनने के लिए कैडट्स के परिजन भी दूर दराज से 39 जीटीसी पहुंचे थे। पीओपी के दौरान कैडट्स और उनके परिजनों में खासा उत्साह देखने को मिला।