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अखिलेश पर अपनों के वार: शिवपाल ने चला मुलायम का ये दांव! बोले- अपरिपक्व हैं सपा प्रमुख, राजभर ने लिया आड़े हाथ

Sat, 09 Jul 2022 12:40 PM IST
प्रशांत कुमार अमर उजाला ब्यूरो, यूपी

सार

सपा प्रमुख अखिलेश यादव के सियासी सफर पर चाचा शिवपाल सिंह यादव और सहयोगी ओम प्रकाश राजभर के गुस्से के बादल मंडरा रहे हैं। शिव और ओम की जोड़ी रह-रहकर अखिलेश को सियासी पाठ पढ़ा रही है और नसीहत भी दे रही है।
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ओम प्रकाश राजभर, अखिलेश यादव, शिवपाल सिंह यादव - फोटो : अमर उजाला
सपा प्रमुख अखिलेश यादव के सियासी सफर पर चाचा शिवपाल सिंह यादव और सहयोगी ओम प्रकाश राजभर के गुस्से के बादल मंडरा रहे हैं। शिवपाल और राजभर की जोड़ी रह-रहकर अखिलेश को सियासी पाठ पढ़ा रही है और नसीहत भी दे रही है। लखनऊ में शुक्रवार को राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के सम्मान में मुख्यमंत्री आवास पर रात्रि भोज का आयोजन हुआ था। इसमें शिवपाल यादव और ओम प्रकाश राजभर भी पहुंचे थे। दोनों के यहां पहुंचने के बाद सियासी गलियारों में हलचल मची ही थी कि शनिवार को शिवपाल ने अपने तेवर दिखाकर अखिलेश यादव को एक बार फिर कड़ी चेतावनी दे डाली है। अब आपको बताते हैं कि शिवपाल सिंह यादव ने अखिलेश को लेकर क्या कहा, साथ ही राजभर के उस बयान के बारे में भी बताते हैं जो सूबे की सियासत में नया अध्याय लिखने का संदेश है....
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शिवपाल सिंह यादव व अखिलेश यादव। - फोटो : amar ujala
सपा प्रमुख पर तंज कसते हुए शिवपाल ने कहा कि अखिलेश यादव में राजनीतिक परिपक्वता की कमी है। इसके कारण समाजवादी पार्टी कमजोर होती जा रही है। कई नेता पार्टी छोड़ रहे हैं। मुझे पार्टी की बैठकों में आमंत्रित नहीं किया जाता है। मुझे विपक्ष के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा के साथ बैठक में भी नहीं बुलाया गया। अगर अखिलेश मेरे सुझावों को गंभीरता से लेते तो उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की स्थिति बिल्कुल अलग होती। सपा के कई गठबंधन दल अब उनका साथ छोड़ रहे हैं। इसका कारण सपा प्रमुख की राजनीतिक अपरिपक्वता है।

 
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शिवपाल सिंह यादव और अखिलेश यादव - फोटो : अमर उजाला
शिवपाल ने कहा कि मैंने बहुत पहले कहा था, जहां हमें बुलाया जाएगा, जो हमसे वोट मांगेगा, हम उसे वोट देंगे। इससे पहले भी राष्ट्रपति चुनाव हुआ था, तब भी हमें समाजवादी पार्टी ने नहीं बुलाया। उस समय रामनाथ कोविंद जी ने वोट मांगा और हमने उनका समर्थन किया। कल मुझे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुलाया तो मैं वहां गया और द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। मैं मुख्यमंत्री से मिला, उन्होंने मुझसे अच्छे तरीके से बात की।

 

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शिवपाल यादव व अखिलेश यादव - फोटो : अमर उजाला
अपना दर्द और उपेक्षा साझा करते हुए शिवपाल ने कहा कि हमें समाजवादी पार्टी की तरफ कभी भी किसी मीटिंग में नहीं बुलाया गया। परसों भी यशवंत सिन्हा यहां थे लेकिन नहीं बुलाया गया। राजनीतिक अपरिपक्वता की कमी होने के कारण ये सब होता चला जा रहा है और पार्टी कमजोर हो रही है।
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शिवपाल सिंह यादव, अखिलेश यादव व मुलायम सिंह यादव। - फोटो : amar ujala
ये पहला मौका नहीं है जब शिवपाल ने अखिलेश पर सीधा हमला किया हो। इससे पहले बीते वर्ष पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन पर आयोजित दंगल में शिवपाल ने अखिलेश को कड़ा संदेश दे दिया था। इस मौके पर उन्होंने कहा कि नेताजी ने हमको पढ़ाया भी है, कुश्ती के दांव भी सिखाए हैं। राजनीति के बारे में भी बहुत कुछ सीखा है। एकता में ताकत होती है। परिवार में बिखराव होता है तो बहुत कमियां आती हैं। 

 
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अखिलेश यादव और ओम प्रकाश राजभर - फोटो : अमर उजाला
इससे पहले अखिलेश को समय-समय पर एसी कमरे से बाहर निकलकर सड़क पर मेहनत करने की नसीहत देने वाले ओम प्रकाश राजभर ने शुक्रवार को फिर सपा प्रमुख पर हमला बोला था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पहले अपने चाचा शिवपाल का वोट राष्ट्रपति पद के विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को दिलाकर दिखाएं। अखिलेश को केवल मुसलमान और यादव ही दिखते हैं। बता दें कि बृहस्पतिवार को यशवंत सिन्हा के समर्थन में हुई सपा की बैठक में शिवपाल व राजभर को नहीं बुलाया गया था। 
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