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नहीं रहे संत बाबा बंशी वाले: अंतिम दर्शन के लिए कई राज्यों से पहुंचे भक्त, नम आंखों से दी विदाई, देखें तस्वीरें

Thu, 08 Jul 2021 06:20 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
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सहारनपुर में संत बाबा के अंतिम दर्शन करने पहुंचे भक्त। - फोटो : amar ujala
संत बाबा बंशी वाले के निधन की खबर मिलते ही उनके अनुयायियों में शोक की लहर दौड़ गई। बाबा के अंतिम दर्शन के लिए उत्तर प्रदेश के जनपदों के अलावा हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और राजस्थान के भी भक्त भी सहारनपुर पहुंचे। इस दौरान हर किसी की आंखें नम थीं।

संत बाबा बंशी वाले कई दिन से अस्वस्थ होने के कारण सहारनपुर के दिल्ली रोड स्थित मेडिग्राम अस्पताल में भर्ती थे, यहां बुधवार देर रात 11 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। इसकी सूचना मिलने पर गुरुवार सुबह से ही सरसावा क्षेत्र के गांव सोराना स्थित आश्रम पर उनके अनुयायी पहुंचने शुरू हो गए थे। वहीं बाबा बंशी वाले के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे भक्तों की आंखें नम हो गईं। भक्तों ने हाथ जोड़कर बाबा को नमन किया। इस दौरान किसी ने फूल चढ़ाए तो किसी ने नकद दक्षिणा दी। इसके बाद दोपहर में बाबा का अंतिम संस्कार यमुना नदी के घाट पर किया गया। बाबा के अंतिम दर्शन के लिए आम भक्तों के अलावा राजनीतिक लोग भी पहुंचे। प्रदेश सरकार में आयुष मंत्री धर्म सिंह सैनी के अलावा कई राजनीतिक लोग पहुंचे।
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संत बाबा बंशी वाले। - फोटो : amar ujala
बता दें कि बाबा बंशी वाले की अंतिम यात्रा में भक्तों ने फूलों की वर्षा की। वहीं सुरक्षा के लिहाज से पुलिस को भी तैनात कर दिया गया। 
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कई राज्यों से दर्शन करने पहुंचे भक्त। - फोटो : amar ujala
बताया गया कि सौराना गांव में बाबा के आश्रम को देव स्थल शिव मंदिर कहा जाता है। यह भी बताया गया कि बाबा बंशी वाले भागवत कथा वाचक थे और जहां भी कथा करने जाते थे तो वहां देशी घी का भंडारे का आयोजन कराते थे। देशभर में उनके अनेक अनुयायी हैं। 

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सहारनपुर में बाबा के दर्शन करने पहुंचे भक्त। - फोटो : amar ujala
बाबा बंशी वाले खुद को मारवाड़ बताते थे और उनका गृहस्थ जीवन भी रहा है। इसी कारण उनके अनुयायी और भक्तों ने बाबा का दाह संस्कार करने का निर्णय लिया।
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बाबा के दर्शन कर भक्तों की आंखें हुईं नम। - फोटो : amar ujala
संत बाबा बंशी वाले पटना के रहने वाले थे। भक्त उनको सिर्फ बाबा बंशी वाले के ही नाम से जानते हैं। बाबा के बारे में बताया गया कि वह वैश्य वर्ग से थे। उनके यहां 25 साल से साथ रहने वाले मामचंद ने बताया कि बाबा का यही कहना था कि कोई भूखा ना रहे। इसी कारण बाबा बंशी वाले जब भी किसी जगह पर भागवत कथा कार्यक्रम को जाते थे तो उनके साथ भंडारा करने वाली पूरी टोली होती थी। भंडारा अनवरत चलता था। बाबा बंशी वाले ने हरिद्वार में मां अन्नपूर्णा धर्मशाला भी बनवाई, जो बहुमंजिला है और लिफ्ट भी लगी हैं।
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सहारनपुर: संत बाबा बंशी वाले - फोटो : amar ujala
बाबा बंशी वाले कृष्ण भक्त थे। बताया जाता है कि 38 साल पूर्व वह यमुना नदी किनारे पर टहलते हुए कुटिया वाले बाबा को मिले थे। कृष्ण भक्त होने के कारण ही कुटिया वाले बाबा ने उन्हें बाबा बंशी वाले नाम दिया था।
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