यूपी-हरियाणा सीमा पर स्थित यमुना पुल शाहजहांपुर (सहारनपुर) होते हुए लखीमपुर खीरी जा रहे पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के काफिले को रोक दिया गया। पुलिस से खींचतान और हंगामे के बीच काफिले में शामिल लोगों ने बैरियर हटा दिए और आगे बढ़ गए। पुलिस ने नवजोत सिंह सिद्धू, तीन कैबिनेट मंत्रियों, पांच विधायकों को हिरासत में ले लिया और उन्हें थाना सरसावा ले आई। वहीं कई घंटों की वार्ता के बाद नेताओं को लखीमपुर खीरी जाने की इजाजत मिल गई।
उधर, हरियाणा और यूपी पुलिस ने लखीमपुर जा रहे हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी शैलजा, समालखा विधायक धर्म सिंह छोक्कर आदि को कैराना में यमुना पुल पर रोक लिया। इसके विरोध में इन्होंने हरियाणा सीमा में स्थित सिनौली में धरना शुरू कर दिया। करीब दो घंटे तक चले हंगामे और धरने प्रदर्शन के बाद ये लौट गए।
नवजोत सिंह सिद्धू, कैबिनेट मंत्री गुरकीरत सिंह, परगट सिंह और अमरेंद्र सिंह उर्फ राजा वडिंग के अलावा विधायक लखबीर सिंह लाड्डी, फतेह सिंह, तपरेंद्र सिंह, कुलजीत सिंह नागरा, सतकार कौर आदि के साथ सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ पंजाब से लखीमपुर खीरी जाने के लिए निकले। इसकी सूचना पर पुलिस ने बैरियर और ट्रक, ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क के बीचोंबीच खड़ी कर बॉर्डर सील कर दिया। गुरुवार दोपहर तीन बजे ये यमुना नदी पुल पर पहुंचे तो पुलिस ने रोक लिया। आक्रोशित लोगों ने बैरियर हटा दिए और पुलिस से खींचतान की। पुलिस चौकी में भी घुसकर प्रदर्शन किया।