सभा में मौजूद लोग।
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उन्होंने कहा जिस मां का इकलौता बेटा चला जाता है उसकी यही हालत होती है। दो छोटी बहने हैं, जब मैंने कहा कि बेटा अपने माता-पिता का ख्याल रखना तो वह आंखों में आंसू भरकर बोली, अब हम रखेंगे अपने माता-पिता का ख्याल। यह बाते कहते हुए जयंत का गला भर आया, उनकी आंखें नम हो गईं। इस दौरान पूरे वातावरण में सन्नाटा सा छा गया और श्रद्धांजलि सभा में बैठे हर व्यक्ति की आंखें भर आईं। जयंत इतने भावुक हुए कि वह इसके बाद आगे का भाषण भी नहीं दे पाए। श्रद्धांजलि सभा में जितने भी वक्ता बोले सभी के भाषण का केंद्र लखीमपुर की घटना रहा। किसानों को रौंदकर मारने का हर किसी ने जिक्र किया।